June 25, 2026
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  • 2027 तक 2.22 लाख घरों पर लगेंगे रूफटॉप प्लांट

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में रूफटॉप सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पिछले तीन साल तक नियमित बिजली बिल जमा करने की शर्त पूरी नहीं करनी होगी। सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए पात्रता को आसान बना दिया है। अब आवेदन के समय केवल पिछले बिलिंग चक्र में गैर-बकायेदार होना ही पर्याप्त होगा।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना की एसओपी में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक प्रदेश में 2.22 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करना है। इसके लिए केंद्र सरकार की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार और बिजली निगम की ओर से ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या बदला, किसे मिलेगा फायदा

अब तक योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को लगातार तीन वर्षों तक समय पर बिजली बिल जमा करने की शर्त पूरी करनी पड़ती थी। इस कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना से बाहर रह जाते थे। संशोधन के बाद पात्रता का दायरा काफी बढ़ जाएगा और लाखों घरेलू उपभोक्ता योजना में शामिल हो सकेंगे।

सरकारी कर्मचारी, बोर्ड-निगमों के कर्मचारी और एचकेआरएन कर्मी भी अब योजना का लाभ उठा सकेंगे, बशर्ते पिछले बिलिंग चक्र में उनका बिजली बिल बकाया न हो। हालांकि सरकार ने यह शर्त बरकरार रखी है कि आवेदक के नाम पर प्रदेश में किसी भी डिस्कॉम क्षेत्र में कोई अन्य बिजली कनेक्शन बकायादार नहीं होना चाहिए।

10% रकम देकर लगवा सकेंगे सोलर प्लांट

सरकार के मुताबिक 1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की अनुमानित लागत करीब 55 हजार रुपए है। इसमें उपभोक्ता को केवल 5,500 रुपए यानी 10 प्रतिशत राशि का योगदान करना होगा। बाकी राशि केंद्र सरकार की सब्सिडी और बिजली निगम की ब्याज-मुक्त सहायता से पूरी होगी।

इसी तरह 2 किलोवाट संयंत्र पर केंद्र सरकार से 60 हजार रुपए तक की सहायता मिलेगी, जबकि 3 से 5 किलोवाट क्षमता के संयंत्रों पर 78 हजार रुपए तक की केंद्रीय सब्सिडी के अलावा 58,500 से 97,500 रुपए तक की ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अंत्योदय और मध्यम आय वर्ग पर फोकस

सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। 1.80 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों को केंद्र की सब्सिडी के अलावा राज्य सरकार से अतिरिक्त सहायता मिलेगी। 1.80 लाख से 3 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी अलग से वित्तीय सहयोग दिया जाएगा। 2 किलोवाट तक के सोलर संयंत्रों पर राज्य सहायता का लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे कम आय वाले परिवार भी कम लागत में सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली बिल में स्थायी बचत कर सकेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण यह फैसला

हरियाणा में “पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना” के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। लेकिन सख्त पात्रता शर्तों के कारण कई उपभोक्ता इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। नई व्यवस्था के बाद योजना की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि आसान नियम, ब्याज-मुक्त सहायता और अतिरिक्त सब्सिडी से सोलर अपनाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। इससे एक तरफ उपभोक्ताओं के बिजली बिल घटेंगे तो दूसरी ओर हरित ऊर्जा उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।