- बिजली मंत्री ने 2 माह का समय मांगा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल मंत्री अनिल विज से वार्ता के बाद स्थगित हो गई है। यूनियन नेताओं के साथ विज की करीब 5 घंटे लंबी मैराथन बैठक चली, जिसके बाद मंत्री व यूनियनों के बीच लिखित समझौता हुआ।
बिजली मंत्री अनिल विज और बिजली कर्मचारी यूनियन के बीच हुई बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी। बैठक में एग्री डिस्कॉम की स्थापना, बिजली कंपनियों के पुनर्गठन, प्रीपेड-पोस्टपेड मीटर, तकनीकी कर्मचारियों के ऑनलाइन ट्रांसफर, रिस्क अलाउंस, HKRN वेतन दर और एक्स-ग्रेशिया नीति समेत 10 बिंदुओं पर चर्चा हुई।
सरकार ने कई मांगों पर समितियों के माध्यम से जांच और प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, एग्री डिस्कॉम की स्थापना पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। कर्मचारियों के प्रतिनिधियों समेत संबंधित हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद ही इस संबंध में आगे फैसला लिया जाएगा।
ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन हिसार, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड कर्मचारी संघ भिवानी, हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन, हरियाणा पावर कॉरपोरेशन SC/ST एवं BC कर्मचारी यूनियन और डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के 10 से अधिक नेता मंत्री से चर्चा के लिए पहुंचे थे। नेताओं ने स्पष्ट किया था कि वे कोरे आश्वासन पर यहां से जाने वाले नहीं है। सभी चीजों को लिखित में लेते हुए मंत्री अनिल विज को 2 माह का समय दिया है।
बिजली मंत्री व यूनियन के बीच इन 10 पांइट पर समझौता
एग्री डिस्कॉम पर अभी अंतिम प्रस्ताव नहीं
एग्री डिस्कॉम की स्थापना को लेकर अभी कोई अंतिम प्रस्ताव नहीं है। इस मामले में हरियाणा के बिजली मंत्री के स्तर पर अभी विचार-विमर्श किया जाना बाकी है। यह भी तय किया गया कि प्रस्ताव को लागू करने से पहले विभिन्न हितधारकों, जिसमें कर्मचारियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जिनके साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
नूंह-गुरुग्राम में बिजली कंपनियों का विरोध, लंबित बताया मुद्दा
मामला हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के समक्ष लंबित है। HERC एक स्वायत्त वैधानिक संस्था है, जो स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। वहीं, HVPNL, HPGCL और DHBVN व UHBVN समेत राज्य की बिजली उपयोगिताओं ने आयोग के समक्ष दायर याचिका पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई है। बिजली उपयोगिताओं (HPUs) की ओर से भी यह आपत्ति आयोग के समक्ष चल रही कार्यवाही के दौरान रिकॉर्ड पर रखी गई है।
बैठक में बताया गया कि संबंधित कार्यों को कराने के लिए फिलहाल कोई टेंडर प्रक्रिया में नहीं चल रहा है। उपभोक्ताओं को मीटर के मामले में प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर लगाने का विकल्प दिया जाएगा।
HVPNL-HPGCL के पुनर्गठन का प्रस्ताव सरकार को भेजा
पावर सेक्टर के पुनर्गठन से जुड़े मुद्दे पर बताया गया कि ऊर्जा विभाग ने पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को सैद्धांतिक मंजूरी के लिए भेजा है। इसके बाद रेशनलाइजेशन कमीशन के मानकों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राइट ऑफ वे (ROW) के मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने पर जोर
ROW यानी Right of Way से जुड़े मामलों को भी बैठक में उठाया गया। सरकार की ओर से कहा गया कि मामला रेशनलाइजेशन कमीशन के समक्ष ले जाकर समयबद्ध तरीके से काम पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
तकनीकी कर्मचारियों के ऑनलाइन ट्रांसफर पर भी चर्चा
बिजली कर्मचारियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव को लेकर भी अपनी चिंता रखी। उनका कहना था कि तकनीकी कर्मचारी किसी विशेष क्षेत्र की सब-स्टेशन और बिजली लाइनों की व्यवस्था से परिचित होते हैं। इसलिए बिजली सप्लाई की निरंतरता बनाए रखने में उनकी विशेषज्ञता महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से बताया गया कि पहले गठित कमेटी कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ रोस्टर रजिस्टर का सत्यापन करने से पहले चर्चा करेगी।
DHBVN और UHBVN में तकनीकी अधीनस्थ कर्मचारियों के ट्रांसफर से जुड़े प्रस्ताव पर बताया गया कि अगले ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव में JEs को फिलहाल छूट दी जाएगी।
रिस्क अलाउंस पर कमेटी करेगी जांच
कर्मचारियों को दिए जा रहे Risk Allowance के मामले में अलग कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी अलग-अलग राज्यों में दिए जा रहे रिस्क अलाउंस का अध्ययन करेगी और समयबद्ध तरीके से अपनी रिपोर्ट देगी। 500 यूनिट फ्री बिजली के मुद्दे पर मामले को एग्जामिन करने की बात कही गई।
HKRN वेतन देने का प्रस्ताव HRD को भेजा जाएगा
कुछ कर्मचारियों को HKRN (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) की वेतन दर देने का मामला भी बैठक में आया। सरकार की ओर से बताया गया कि इसे HRD विभाग के सचिव के माध्यम से सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
एक्स-ग्रेशिया में छूट का मामला सरकार के पास
Ex-gratia Policy-2019 के तहत पहले पांच वर्ष की सेवा की शर्त में छूट देने का मामला भी चर्चा में रहा। इसे राज्य सरकार के विचार के लिए भेजा गया है। एक्स-ग्रेशिया नियुक्ति के मामलों में डिस्कॉम में LDC पद के लिए B.Com की जगह केवल Graduation को शैक्षणिक योग्यता मानने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने का फैसला हुआ है।
जेई से लेकर SA तक का स्टाफ मांगा
हड़ताल से निपटने के लिए बिजली निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने बिजली सप्लाई की निरंतरता बनाए रखने के लिए दूसरे राज्यों के बिजली विभागों और डिस्कॉम से तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
UHBVN के चीफ इंजीनियर/एडमिनिस्ट्रेशन (कोऑर्डिनेशन) ने संबंधित चीफ इंजीनियरों को दूसरे राज्यों के बिजली विभागों से अधिक से अधिक तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। हड़ताल के दौरान JE, AFM, LM, ALM, SSA, ASSA और SA स्तर के तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी। इन्हें कंटीजेंसी प्लान के तहत दूसरे राज्यों से बुलाकर बिजली सप्लाई को सुचारु रखने के लिए तैनात किया जाएगा।
निगम ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे दूसरे राज्यों के बिजली विभागों और डिस्कॉम से अधिकतम तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर इन कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान बिजली सप्लाई बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा।
गुरुग्राम-नूंह में अडाणी की एंट्री का विरोध
अडानी समूह की बिजली वितरण कंपनी ने गुरुग्राम में बिजली सप्लाई के लिए ग्रांट ऑफ लाइसेंस की औपचारिक याचिका दायर की है। यह आवेदन विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 15 (लाइसेंस पाने की प्रक्रिया) प्रोसीजर फॉर ग्रांट ऑफ लाइसेंस के तहत हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) में दाखिल किया गया है। सुनवाई के बाद आयोग ने अपना फैसला होल्ड कर दिया।
गौतम अदानी की प्रमुख बिजली वितरण और पारेषण कंपनी का नाम अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड है। इसके अलावा, मुंबई में बिजली वितरण का कार्य उनकी सहायक कंपनी अदानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड द्वारा किया जाता है।
इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड भी लाइसेंस की लाइन में
गौतम अडानी के अलावा इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने 12 मई को यह याचिका दाखिल की थी। आयोग ने 26 मई को इसे सुनवाई योग्य मानते हुए स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को हुई। गुरुग्राम और नूंह में सरकारी कंपनी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के साथ निजी कंपनी भी बिजली सप्लाई कर सकेगी।