- रजिस्ट्री देने से इनकार
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हिसार के थाना शहर में 5 करोड़ 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सेक्टर-14 स्थित दो मकानों को पूरी तरह विवाद रहित बताकर सीए हिमांशु मित्तल से 5.35 करोड़ रुपए ऐंठ लिए गए, जबकि ये मकान पहले ही अन्य व्यक्तियों को बेचे जा चुके थे। शिकायत और आर्थिक अपराध शाखा की जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
मई 2025 में आजाद सिंह, अजीत सिंह, उनकी पत्नी ज्योति और उनके पिता विजय सिंह (जो तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं) ने हिमांशु मित्तल से संपर्क किया। आरोपियों ने सेक्टर-14 पार्ट-2 स्थित अपने दो मकान, नंबर 3162 और 3163 बेचने का प्रस्ताव रखा। आरोपियों ने दावा किया कि मकानों पर किसी प्रकार का कोई विवाद या कानूनी अड़चन नहीं है, केवल बैंक का करीब 2 करोड़ रुपए का लोन पेंडिंग है।
28 मई 2025 को दोनों मकानों का सौदा 5 करोड़ 35 लाख रुपए में तय हुआ। पीड़ित ने एडवांस और बैंक लोन चुकता करने के नाम पर जुलाई 2025 तक कुल 5.26 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी।
इस तरह हुआ धोखे का खुलासा
मकानों का कब्जा और चाबियां मिलने के बाद जब हिमांशु मित्तल ने रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। पीड़ित ने कोर्ट में मामला दायर किया।
इसी दौरान पीड़ित को कोर्ट से नोटिस प्राप्त हुआ, जिससे खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ये दोनों मकान 10 सितंबर 2024 को ही अर्बन एस्टेट निवासी सुरेंदर और अनिल कुमार को बेचने का इकरारनामा कर लिया था और उनसे 50 लाख रुपये एडवांस भी ले रखे थे।
इसके अलावा, पीड़ित से ऐंठे गए पैसों में से करीब 85 लाख रुपए का इस्तेमाल करके आरोपियों ने अपने तीसरे भाई अजय सिंह के नाम से सेक्टर-14 में एक अन्य मकान (नं. 40-C) खरीद लिया था।
धोखाधड़ी से दोबारा इकरारनामा किया
मामले की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की प्रभारी निरीक्षक निर्मला द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि आरोपी आजाद सिंह, अजीत सिंह और ज्योति ने पहले से इकरारनामा होने के बावजूद धोखाधड़ी की नीयत से हिमांशु मित्तल के साथ दोबारा इकरारनामा किया और 5.35 करोड़ रुपये हड़पे।
थाना शहर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।