- हांसी में ग्रामीणों ने माइक पर 12 वादे पढ़कर सुनाए, भयाना सिर झुकाये सुनते रहे
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हांसी से BJP विधायक विनोद भयाना को लोगों ने माइक से खूब खरी-खोटी बातें सुनाईं। ग्रामीणों ने बकायदा 12 वादे पढ़कर सुनाए। कहा-ये विधायक के झूठ हैं। इस दौरान विधायक मंच पर ही सिर झुकाये चुपचाप बैठे रहे। इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
असल में, हांसी के गांव चनौत में लोग 10 दिन से धरने पर बैठे हैं। सोमवार को विधायक भी धरने पर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विधायक जैसे ही धरने के बीच बैठे, वक्ता ने माइक पर विधायक के वादे गिनाने शुरू कर गया। इसे झूठ नंबर-1, झूठ नंबर-2…कहकर गिनाया गया। ग्रामीणों ने विधायक को स्पष्ट रूप से कहा कि अगर पानी मिलेगा तो ही वे उन्हें वोट देंगे, अन्यथा पूरा गांव उनका विरोध करेगा।
मामला 68 करोड़ रुपए के भाखड़ा नहर प्रोजेक्ट को शुरू करवाने को लेकर है। जिसके विरोध में ग्रामीण धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि भाखड़ा नहर का शुद्ध पानी लाने के लिए बने प्रोजेक्ट में उनके गांव के लिए पेयजल व्यवस्था की जाए, लेकिन सरकार इसकी मंजूरी नहीं दे रही है।
हालांकि, बाद में विधायक ने कहा कि यह उनका विषय नहीं है, और वे इस बारे में सरकार से बात करेंगे।
इसलिए धरने पर गए थे विधायक भयाना
दरअसल, भाखड़ा नहर का शुद्ध पानी लाने के लिए करीब 68 करोड़ रुपए की लागत से प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। यह प्रोजेक्ट तीसरी बार अटका है। धरने के चलते पिछले 10 दिनों से प्रोजेक्ट रुका हुआ है। इससे पहले, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न मिलने के कारण काम बाधित हुआ था।
इसके बाद, पिछले साल तेज बारिश के कारण हांसी-बरवाला रोड पर हुए भारी जलभराव की वजह से काम रोकना पड़ा था। अब, चनौत गांव के ग्रामीणों के आंदोलन के कारण काम एक बार फिर बंद है।
पानी का सीधा कनेक्शन मांग रहे ग्रामीण
चनौत गांव के ग्रामीण हांसी-बरवाला रोड के किनारे धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांग यह है कि इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के तहत उनके गांव के जलघर (वाटर वर्क्स) के लिए भी पेयजल का सीधा कनेक्शन दिया जाए, ताकि गांव को हमेशा के लिए पेयजल संकट से मुक्ति मिल सके। अगर ऐसा नहीं होता है, तो वे प्रोजेक्ट शुरू नहीं होने देंगे।
यहां जानिए ग्रामीणों ने विधायक से क्या-क्या कहा…
सरपंच ने प्रस्ताव भेजे, ग्रांट नहीं मिली
धरने पर बैठे ग्रामीण अनूप ने विधायक के मुंह पर ही उनके किए गए 12 अधूरे वादे गिनाए। अनूप ने बताया कि पिछले दो साल से विधायक कोटे से चनौत गांव को कोई विकास निधि नहीं मिली है, जबकि गांव के सरपंच से कई विकास प्रस्ताव लिए गए थे। साल 2023 में विधायक ने 15 दिनों के भीतर गांव की फिरनी और श्मशान घाट के लिए फंड देने का आश्वासन दिया था, लेकिन 9 महीने बीतने के बाद भी कोई राशि जारी नहीं हुई।
जलभराव को लेकर कोई काम नहीं हुआ
ग्रामीणों ने पिछली बारिश के दौरान गांव में हुए जलभराव का मुद्दा भी उठाया। उस समय विधायक ने खुली ड्रेन और पक्के निर्माण कार्य करवाने का आश्वासन दिया था ताकि भविष्य में जलभराव न हो, लेकिन आज तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जलभराव से खराब हुई फसलों का किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला है।
मोटर पहुंचाने का आश्वासन दिया था
ग्रामीणों ने 29 अप्रैल को दिए गए एक अन्य आश्वासन का भी जिक्र किया। विधायक ने उसी दिन 50 एचपी की मोटर खरखड़ी पहुंचाने और चार दिनों के भीतर एस्टीमेट बनाकर चंडीगढ़ भेजने की बात कही थी, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सरपंच की डिमांड पर दो साल बाद भी काम नहीं
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि साल 2024 में सरपंच हिमांशु से स्पेशल पाइपलाइन के लिए पंचायत लेटर पैड पर मांग पत्र लिया गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा, ‘हर घर जल’ योजना के तहत भी कई गांवों और ढाणियों में अभी तक नल कनेक्शन नहीं लग पाए हैं।