- 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि की संभावना
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में नौतपा के दौरान पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। राजस्थान से आने वाली गर्म दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण प्रदेश का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मंगलवार को सिरसा हरियाणा का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्मी के मामले में हरियाणा ने राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है। राजस्थान में सबसे अधिक तापमान कोटा में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 मई से 1 जून तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। आज 27 मई को पूरे राज्य में लू का ऑरेंज अलर्ट है। 28 मई को भी दोपहर तक लू चलेगी। शाम को मौसम में बदलाव हो सकता है।
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नौतपा के 9 दिनों के दौरान तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लोगों को रोजमर्रा के काम, ऑफिस या जरूरी जिम्मेदारियों के कारण बाहर निकलना ही होता है। लेकिन जरा सी लापरवाही से डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हरियाणा में आगे कैसा रहेगा मौसम…
27 मई को लू चलेगी: राज्य के अधिकांश जिलों में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट है। सिरसा, हिसार, रोहतक, भिवानी और महेंद्रगढ़ सहित लगभग पूरे हरियाणा में लू से अत्यधिक भीषण लू का प्रकोप जारी रहेगा। दोपहर के समय झुलसाने वाली हवाएं चलेंगी।
28 मई रात से बदलेगा मौसम: गुरुवार से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। एक तरफ जहां सिरसा जैसे पश्चिमी जिलों में लू का असर रहेगा, वहीं हरियाणा के अधिकांश हिस्सों जैसे अंबाला, करनाल, जींद, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद में आंधी और 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
29 को गर्मी से राहत मिलेगी
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 29 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की तरफ बढ़ने और राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है।
इसके आंशिक प्रभाव से 29 मई की रात से 1 जून के दौरान हरियाणा राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने और बीच-बीच में धूल भरी हवाएं चलने व कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है।
किसानों को सलाह
सिंचाई का समय
गन्ने, फलदार पौधों और सब्जियों में हल्की सिंचाई केवल सुबह या देर शाम/रात को ही करें। सुबह 11 बजे से दोपहर साढ़े 4 बजे के बीच सिंचाई बिल्कुल न करें, क्योंकि इस दौरान मिट्टी का तापमान 44°C से 46°C तक पहुंच जाता है।
बुवाई और जुताई
कपास और हरी पत्तेदार सब्जियों की बुवाई पूरी करें। रबी फसल कट चुकी हो तो खेतों की गहरी जुताई करें, ताकि तेज धूप से कीटों के अंडे नष्ट हो सकें।
पशुधन व मछली पालन
पशुओं को तेज हवाओं से बचाने के लिए शेड में रखें। उन्हें पर्याप्त पानी, हरा चारा और रोजाना 50-100 ग्राम खनिज मिश्रण दें। तालाबों में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए मछलियों को तेज धूप से बचाने के लिए शेड का प्रबंध करें।