- बारिश से भीगी फसल पर सरकार ले संज्ञान
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : करनाल में दो दिन पहले हुई बेमौसमी बारिश से हरियाणा और पंजाब की मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी धान की फसल को नुकसान हुआ है। मंगलवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी करनाल की जुंडला अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने भीगी फसल और धीमी उठान पर चिंता जताते हुए कहा कि मंडी में फसल पहुंचने के बाद उसकी जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार को देखना चाहिए कि मंडी में आने के बाद किसानों की फसल को कितना नुकसान हुआ है। वहीं, मंडी में किसानों ने खरीद में देरी और अधिकारियों के नहीं आने की शिकायत की। मार्केट कमेटी सचिव ने मंडी में आवक और उठान की जानकारी दी।
मंडी में उठान धीमा, नमी पर कटौती का आरोप
चढ़ूनी ने कहा कि मंडियों में हालात खराब हैं। धान का उठान नहीं हो रहा और 17 प्रतिशत नमी बताकर किसानों की फसल पर कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों ने अब मंडियों में जागरूकता के लिए बोर्ड लगवाने का फैसला किया है, ताकि किसान नमी के नाम पर कटौती के साथ धान बेचने से बचें। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पहले ही कटौती के साथ धान बेच दिया है, वे इसका लिखित ब्योरा दें। संगठन उन किसानों के पैसे वापस दिलाने का प्रयास करेगा।
400 राइस मिलरों को नहीं किया आवंटित
चढ़ूनी ने कहा कि बारिश से किसानों की फसल भीगी है और नुकसान बढ़ा है। मंडियों में उठान की स्थिति भी खराब है। उन्होंने बताया कि अब 400 राइस मिलर हैं, जिन्हें आवंटित नहीं किया गया। उनके अनुसार, इन मिलरों का 25 प्रतिशत भुगतान बकाया है। कुछ मिलरों का 25 प्रतिशत से संबंधित काम भी था। उन्होंने कहा कि मिलरों की उपलब्धता और उठान की व्यवस्था का असर खरीद प्रक्रिया पर पड़ रहा है।