- नर्सिंग एसोसिएशन FIR कराने थाने पहुंची, अरेस्ट करो के नारे लगाए
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा महिला आयोग चेयरपर्सन पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद रेणु भाटिया ने वीडियो जारी कर गलतियों पर माफी मांगी। अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर जारी वीडियो में आयोग के दफ्तर में अपनी कुर्सी पर बैठी दिख रही हैं।
1ः54 सेकेंड के वीडियो में उन्होंने पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल और फिर वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार जताया। कहा-यदि कुछ गलतियां हो गईं हो तो माफी मांगती है। हालांकि उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर की बेटी वाले बयान पर एक शब्द नहीं बोला।
‘आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं’ वाले बयान पर विवाद बढ़ने के बाद हरियाणा नर्सिंग ऑफिसर्स मंगलवार को 2 घंटे की हड़ताल पर रहीं थी। जिसके बाद मंगलवार देर रात आयोग की चेयरपर्सन का इस्तीफा आया।
इस्तीफा सामने आने के बावजूद नर्सिंग एसोसिएशन ने कहा था-माफी मांगने तक मामला खत्म नहीं होगा और FIR भी दर्ज कराएंगी। जिसके बाद रेणु भाटिया का यह वीडियो सामने आया। बताया जा रहा है कि यह मंगलवार को ही रिकॉर्ड किया गया, लेकिन पोस्ट बुधवार को किया। हरियाणा नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता बांगड़ ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा-रेणु भाटिया ने नर्सिंग ऑफिसर्स से माफी नहीं मांगी है। वीडियो में कहीं जिक्र नहीं किया। हम तो FIR दर्ज कराएंगे। इसी के साथ नर्सिंग स्टाफ शिकायत देने आदर्श थाना केयूके पहुंच गया है। भाटिया को गिरफ्तार करने के नारे भी लगाए।
नमस्कार साथियों, मैं आपके बीच आई आपसे विदा लेने। मैं धन्यवाद करती हूं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल का, जिन्होंने मुझे पर विश्वास करके मुझे इस पद को दिया। मैं धन्यवाद करती हूं, मुख्यमंत्री नायब सैनी का, जिन्होंने मुझ पर विश्वास करके मेरा दूसरा टेन्योर चलाया। मैं अपने इन साढ़े 4 वर्षों में प्रयास करती रही कि बेहतर कार्य करके दिखाऊं।
अगर इस दौरान यदि कभी कहीं कार्य में त्रुटि रही हो तो, यदि कहीं मेरी वजह से किसी को आघात पहुंचा हो तो, यदि मेरी वजह से कोई कार्य डिले हुआ हो तो मैं उसकी क्षमायाची हूं, क्योंकि गलतियों से ही इंसान सीखता है।
और वहीं मैंने अपनाया है। मैं सभी बेटियों को दुआ देकर जाती हूं कि जो बेटी इस टेबल तक आए, कमरे तक आए, उसकी हर प्रॉब्लम सॉल्व हो। मेरे बाद जो इस कुर्सी पर बैठे, वो अपनी बेटी की तरह से, सभी बेटियों को देखे। क्योंकि प्रॉब्लम को अपने परिवार की प्रॉब्लम समझकर सॉल्व करे।
मैंने अपने साढ़े 4 वर्ष इस गीता के उपदेशों की तरह से जिया है। (हाथ में गीता लेकर) मैं गीता की कसम खाकर कहती हूं कि मैंने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया। प्रयास किया कि मैं सबको सुख दे सकूं, सबके लिए मैं वो कार्य क्रर्र सकूं, जो वो मेरे पास आस लेकर आए हैं। मैं इन्हीं शब्दों के साथ आज इस कुर्सी से विदा लेती हूं। जय भारत, जय हिंद।