July 25, 2026
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  • 2 की फाइल अटकी, वेटिंग लिस्ट में डाला, हिसार को मिली सबसे ज्यादा जिम्मेदारी

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा सरकार में बिजली मंत्री अनिल विज के बिजली विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) मुख्यालय हिसार से जारी आदेशों के अनुसार 13 कार्यकारी अभियंताओं (XEN) को अधीक्षण अभियंता (SE) पद पर पदोन्नत करते हुए नई तैनाती दी गई है।

इनमें सबसे अधिक असर हिसार पर देखने को मिला है, जहां कई अधिकारियों को प्रमोशन के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। वहीं, कुछ अधिकारियों को हिसार मुख्यालय में नई पोस्टिंग दी गई है। दो अधिकारियों की प्रमोशन रोक दिया गया है।

डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक की मंजूरी के बाद जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों को पे मैट्रिक्स लेवल-14 में अधीक्षण अभियंता बनाया गया है। आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रहेंगे तथा निर्धारित समय में नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।

इन अधिकारियों की अन्य जिलों में तैनाती

विजय पाल को रेवाड़ी, प्रवीण यादव को गुरुग्राम, अमित कम्बोज को फरीदाबाद, आशुतोष कुमार पांचाल को सिरसा और जितेंद्र सिंह धुल को भिवानी भेजा गया है। इसके अलावा आदेश में बताया गया है कि दिनेश शर्मा और शमशेर सिंह की पदोन्नति फिलहाल लंबित रखी गई है। दोनों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित होने के कारण उन्हें प्रमोशन सूची में शामिल नहीं किया गया।

अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी

आदेश के अनुसार, विजेंद्र सिंह (एसई/सीबीओ, हिसार) को एसई-आरएपीडीआरपी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वहीं अविनाश यादव को एसई (सिविल), हिसार का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। विकास कादियान पंचकूला स्थित एचईपीसी में अपनी मौजूदा जिम्मेदारी निभाने के साथ एसई (आईटी), हिसार का कार्य भी देखेंगे।

प्रबंध निदेशक बोले-कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर प्रमोशन निरस्त होगा

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि निगम के प्रशासनिक ढांचे को ओर अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आवश्यक प्रशासनिक फेरबदल किए हैं। सभी पदोन्नत अधिकारियों को एक माह के भीतर अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण करना होगा।

निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में उनकी पदोन्नति निरस्त मानी जाएगी। निगम प्रबंधन का मानना है कि इन पदोन्नतियों, स्थानांतरणों एवं नई नियुक्तियों से विभिन्न परियोजनाओं और परिचालन सर्किलों में प्रशासनिक दक्षता, जवाबदेही एवं कार्य समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के निगम के प्रयासों को नई गति मिलेगी।