October 1, 2026
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  • गांव-गांव मुनादी, बेचने वालों पर ₹51 हजार जुर्माना, पंजाब-राजस्थान तक असर

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में दूध के रेट बढ़ाने की मांग को लेकर आज से तीन दिन (1 से 3 अक्टूबर तक) सप्लाई बंद रखने का ऐलान किया गया है। किसान और पशुपालकों ने एकजुट होकर सिरसा मिल्क प्लांट से बाहर जाने वाली दूध की सप्लाई रोकने के लिए आज धरने की कॉल दी है।

इसके लिए गांव-गांव कमेटियां बनाकर मुनादी करवाई गई है। किसान नेताओं का कहना है कि इस दौरान दूध की सप्लाई करने वालों पर 51 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने भैंस के दूध के रेट 100 रुपए प्रति लीटर करने की मांग की है। उन्हें राजस्थान और पंजाब के किसान-पशुपालकों से भी समर्थन मिला है। हिसार के किसानों ने इस हड़ताल में शामिल नहीं की बात कही है।

बता दें कि हरियाणा में सहकारी खरीद वीटा करता है। अंबाला, जींद, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, सिरसा और रोहतक में प्लांट हैं। गुरुवार सुबह फरीदाबाद में मिल्क डिस्ट्रीब्यूटर अमन शाह ने बताया कि उनके पास दूध का पर्याप्त स्टाक आ रहा है। अभी दूध की कोई परेशानी नहीं है। वहीं, वीटा के कुरुक्षेत्र प्लांट और जींद अधिकारियों ने भी दावा किया कि कॉल का कोई असर नहीं है।

सीईओ के बयान के बाद वीटा प्लांट घेरने का फैसला : राष्ट्रीय किसान संगठन हरियाणा के जसवीर भाटी ने बताया कि बुधवार शाम किसान-पशुपालकों की बैठक में गुरुवार सुबह वीटा मिल्क प्लांट का घेराव करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि प्लांट के सीईओ ने दूध की सप्लाई जारी रखने की बात कही थी। इसके बाद किसानों ने प्लांट के गेट पर धरना देकर सप्लाई रोकने का फैसला लिया है।

गांव-गांव कमेटियां बनाईं, मुनादी भी करवाई : जसवीर भाटी ने बताया कि गांव-गांव में कमेटियां बनाई गई हैं और मुनादी करवाई गई है। पशुपालकों से तीन दिन तक दूध नहीं खरीदने और नहीं बेचने की अपील की गई है। साथ ही वीटा समेत प्लांट और डेयरी में दूध नहीं डालने को कहा गया है।

गाय का दूध ₹80, भैंस का ₹100 करने की मांग : भाटी ने वीडियो जारी कर कहा कि 1 से 3 अक्टूबर तक गांवों और शहरों में दूध की हड़ताल रहेगी। किसानों-पशुपालकों की मांग है कि गाय के दूध का रेट 80 रुपए और भैंस के दूध का रेट 100 रुपए किया जाए। उनका कहना है कि 50 साल में पहली बार दूध के रेट को लेकर यह मांग रखी गई है।

दूध बेचने पर ₹51 हजार जुर्माना : किसानों-पशुपालकों की मीटिंग में 1 से 3 अक्टूबर के दौरान दूध बेचने वालों पर 51 हजार रुपए जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया है। दूध ढोने वाले वाहन भी जब्त किए जाएंगे। वीटा, वेरका, सरस, अमूल समेत अन्य कंपनियों से गांवों और शहरों में दूध की गाड़ियां नहीं भेजने की अपील की गई है।

कुरुक्षेत्र: वीटा प्लांट के सेल्स मैनेजर देव त्यागी ने बताया कि उनके पास करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल तीन जिले हैं। किसानों की दूध बंद की कॉल का कोई फर्क नहीं है। रोज 13-14 हजार लीटर दूध सप्लाई होता है। अभी पितृ पक्ष के चलते दूध की सप्लाई थोड़ी कम है, लेकिन रोज सप्लाई कम ज्यादा होती है। इसमें करीब 1 हजार लीटर का कम या ज्यादा हो जाता है। आगे रेट बढ़ सकते हैं। ये उनके लेवल पर तय नहीं होगा।

फरीदाबाद : अमूल दूध के डिस्ट्रीब्यूटर अमन शाह ने बताया कि उनके पास दूध का पर्याप्त स्टाक आ रहा है। अभी दूध की कोई परेशानी नहीं है। फरीदाबाद में मुख्य तौर पर वीटा और अमूल सप्लाई करता है। फरीदाबाद शहर में रोज करीब 5.10 लाख लीटर से ज्यादा दूध की खपत है।

जींद : वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ नरेंद्र धानिया ने बताया कि हमारे यहां दूध की सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है। प्रतिदिन करीब 1 लाख 36 हजार लीटर की सप्लाई होती है। पशुपालकों (किसानों) की कॉल का जींद में फिलहाल कोई असर नहीं है।

सप्लाई के लिए गाड़ी भेजना मजबूरी

सिरसा जिले के वीटा मिल्क प्लांट जोन नंबर-1 के निदेशक प्रतिनिधि विनोद कुमार ने कहा कि वीटा सहकारी समिति है। इसे बंद करने या दूध की सप्लाई रोकने के संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। ऐसे में वीटा दूध खरीदने और सप्लाई के लिए गाड़ी भेजना जारी रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि गाड़ी सोसाइटी या डेयरी पर जाएगी। वहां दूध उपलब्ध होगा तो लिया जाएगा। अगर कोई डेयरी संचालक दूध की बिक्री नहीं करेगा तो गाड़ी खाली लौट आएगी। दूध देना या नहीं देना दूध विक्रेताओं का अपना फैसला है।

CEO बोले- प्रशासन को अवगत कराया

सिरसा वीटा प्लांट के सीईओ दिनेश मेहता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि फिलहाल दूध की सप्लाई सामान्य रूप से आ रही है। गुरुवार सुबह स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। हमने प्रशासन को लेटर लिखकर पूरे मामले से अवगत करा दिया है, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।