- रोहतक में 28 कंपनियों को NGT का नोटिस
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में इस बार दिवाली से पहले ही हवा में प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है। गुरुवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7 शहर शामिल रहे। इनमें एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। गुरुग्राम के पंचगांव में तो यह 391 दर्ज किया गया।
ऐसे में लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर पड़ रहा है।
इसी को देखते हुए गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी और निजी कार्यालयों को 50% कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाने की एडवाइजरी जारी की गई है। रोहतक में प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 28 कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं।
इधर, मौसम विभाग के अनुसार, 10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहने की संभावना है। 14 नवंबर को बारिश होने की उम्मीद है। बारिश के बाद ही प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
देश के सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7
गुरुवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7 शहर दर्ज किए गए। इनमें गुरुग्राम का पंचगांव 391 AQI के साथ देश में पहले स्थान पर रहा।
प्रदेश के जिन शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई, उनमें पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर शामिल हैं। इसके अलावा राज्य के 12 अन्य शहरों में AQI 201 से 300 के बीच यानी खराब श्रेणी में रहा।
प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
एनसीआर जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम: गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी व निजी कार्यालयों को 50% कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाने के आदेश दिए गए हैं। बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे।
निर्माण कार्यों पर रोक: ग्रैप (GRAP) के तहत निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि मेट्रो, रेलवे, बस स्टैंड, अस्पताल, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।
कड़े चालान और कार्रवाई: रोहतक में प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन पर NGT ने 28 कंपनियों/इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। गुरुग्राम में धूल नियंत्रण संबंधी आदेशों का पालन नहीं करने पर 54 चालान किए गए और 13.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
पराली के केस कम, फिर भी हवा जहरीली
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार पराली जलाने के मामले काफी कम आए हैं, इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर ज्यादा है। इसका मुख्य कारण सर्द होता मौसम और हवा की धीमी गति है। इसके चलते प्रदूषक कण धरातल के पास ही एक पतली परत में जमा हो रहे हैं और ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं।
जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम…
धुआं, धूल और नमी से बन रही स्मॉग की स्थिति
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले 5 दिनों से मौसम खुश्क रहा है। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की गति से चलीं और रात का तापमान कम रहा। इससे धुआं और धूल के कण वातावरण की नमी में मिल गए, जिसके कारण राज्य में कहीं-कहीं स्मॉग की स्थिति बनी हुई है।
10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहने की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हरियाणा में 10 नवंबर तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। गुरुवार को राज्य में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन इसके बाद मौसम साफ रहेगा।
इस दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की से मध्यम गति से चलने की संभावना है। इससे रात के तापमान में हल्की गिरावट और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग ने 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद जताई है, जिससे प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है।