October 22, 2026
22 oct 5
  • आधी रात से बत्ती गुल, मोर्चे का ऐलान- ठीक नहीं करेंगे

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में 3 दिन बिजली निगम के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ‘हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ के ऐलान पर बुधवार रात 12 बजे से यह हड़ताल शुरू हो गई है।

मोर्चा ने ऐलान किया है कि हड़ताल के दौरान फॉल्ट ठीक नहीं किए जाएंगे। इसका असर बुधवार को दिखाई भी दिया। हड़ताल शुरू होते ही 6 जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, पंचकूला, रोहतक, सोनीपत के कई इलाकों में बिजली फॉल्ट आ गया। मगर, बिजली कर्मचारियों ने इसे ठीक नहीं किया।

इसकी वजह से इन इलाकों आधी रात से बत्ती गुल है। इससे लोग रात भर परेशान रहे। रात किसी तरह काटी, लेकिन सुबह बिजली नहीं आने से वाटर सप्लाई नहीं हुई, जिससे समस्या बढ़ गई। उधर, वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सरकार ने पटवारी और पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई।

वहीं, हड़ताल के ऐलान के बाद CM नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल पर न जाने की अपील की। कहा कि सरकार उनके साथ है और बातचीत के दरवाजे खुले हैं।

किस जिले में हड़ताल का क्या है असर…

  • झज्जर: शहर के बेरी गेट, शिव कॉलोनी समेत कई इलाकों में रात करीब 11 बजे से बिजली गुल है। लंबी बिजली कटौती के चलते घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए। सुबह होते-होते स्थिति और गंभीर हो गई। बिजली नहीं होने से घरों में पानी की मोटर नहीं चल पाई, जिससे पानी की टंकियां नहीं भर सकीं और लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया।
  • नारनौल : हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है। महेंद्रगढ़ शहर की लाइट रात से गुल है। वहीं नारनौल शहर के अनेक मोहल्लों की लाइट सुबह 5 बजे से नहीं आ रही। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा अटेली, सतनाली व कनीना सहित ग्रामीण फीडर पूरी तरह बंद हैं।
  • जींद : जिले में नरवाना और सफीदों को छोड़कर अधिकतर हिस्सों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। जींद शहर के अधिकतर हिस्सों में रात 11 बजे से बिजली सप्लाई ठप है। उचाना, अलेवा, पिल्लुखेड़ा व जुलाना में भी रात से बिजली सप्लाई ठप है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए है।

हड़ताल से निपटने के लिए सरकार की ये तैयारी…

  • अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश: CM ने अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर काम करने को कहा है। निर्देश दिए हैं कि त्योहारी सीजन में आम जनता को परेशानी न हो। हड़ताल की आड़ में अराजक तत्व अव्यवस्था न फैलाएं।
  • तीन दिन व्यवस्था संभालेंगे अधिकारी: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने 22 से 24 अक्टूबर तक व्यवस्था संभालने के लिए विशेष आदेश जारी किए हैं। पंचकूला मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में तैनात किया गया है।
  • कंट्रोल रूम और अधिकारियों की तैनाती: मुख्यालय से सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (SE, XEN, AEE) को अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और करनाल समेत विभिन्न सर्किलों में भेजा गया है। ये अधिकारी बिजली व्यवस्था की निगरानी करेंगे और आपात स्थिति संभालेंगे।
  • सब-स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाई: सभी सब-स्टेशनों और बिजली उपकरणों की सुरक्षा के लिए DC और SP को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। सब-स्टेशनों या परिसरों के आसपास धरने, प्रदर्शन या भीड़ जुटने पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
  • कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द: निगम प्रबंधन ने हड़ताल के दौरान मैनपावर सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। अर्न्ड लीव (EL), चाइल्ड केयर लीव (CCL) और रिटायरमेंट से पहले ली जाने वाली छुट्टियां भी तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई हैं। सढौरा, रादौर, इसराना, नीलोखेड़ी, यमुनानगर, करनाल, तरावड़ी, गन्नौर, चीका, असंध, पेहोवा, झज्जर, पानीपत, रोहतक और बहादुरगढ़ समेत कई क्षेत्रों में तैनात JE, AFM, UDC, LDC और अन्य स्टाफ को तुरंत ड्यूटी जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिजली विभाग में स्टाफ की स्थिति

हरियाणा ऊर्जा विभाग में कर्मचारियों की कमी और बढ़ते काम के दबाव से आक्रोश है। विभाग में कुल 53,289 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 25,543 पद खाली हैं, यानी करीब 48% पदों पर भर्ती नहीं हुई है। अकेले ग्रुप-C के 23,063 पद खाली पड़े हैं। व्यवस्था चलाने के लिए विभाग 15,362 आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे है।

CM नायब सैनी ने की दो अपील

गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के फैसले पर सीएम ने कहा कि सरकार ने कोई आवेदन नहीं मांगा था। सरकार इस फैसले के खिलाफ APTEL में मजबूती से केस लड़ेगी। सीएम ने यूनियनों को अपनी पसंद के वकील से केस की पैरवी कराने का विकल्प दिया है। इसका खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने त्योहारी सीजन को देखते हुए यूनियनों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है।