- DGCA नियमों की निगरानी होगी ऑटोमेटेड
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज: हरियाणा सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग ने राज्य के वीआईपी हेलिकॉप्टरों और विमानों के सुरक्षित संचालन, क्रू मेंटेनेंस और तकनीकी देखरेख के लिए एक नया अत्याधुनिक डिजिटल सॉफ्टवेयर खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने ई-टेंडरिंग के जरिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की हैं।
यह नया सॉफ्टवेयर सरकार के तीन प्रमुख वीआईपी उड़न खटोलों H145D3 (VT-HYR), EC145C2 (VT-HRY) और B200 GT फ्यूजन एयरप्लेन (VT-HCA) के लिए लागू किया जाएगा।
विमानन क्षेत्र में सुरक्षा और डीजीसीए के सख्त नियमों का पालन सबसे प्राथमिकता वाली बात होती है। पुराने या मैनुअल सिस्टम में कई चुनौतियां आ रही थी। जिसके कारण इस हाई-टेक सॉफ्टवेयर की जरूरत महसूस हुई। हरियाणा सरकार के पास इस डेटा का पूरा मालिकाना हक और सिक्योरिटी बैकअप रहेगा।
विमानों को अपग्रेड करने की जरूरत
पायलटों की ड्यूटी और उड़ान के घंटों का हिसाब रखने में थोड़ी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों और एयरवर्थनेस निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड ट्रैकिंग जरूरी थी। वीआईपी एयरक्राफ्ट के इंजन, कंपोनेंट्स और पार्ट्स की लाइफ साइकल का सटीक रिकॉर्ड न होने से अचानक मेंटेनेंस की जरूरत पड़ जाती थी।
नए सॉफ्टवेयर से क्या-क्या बड़े फायदे…
FDTL सॉफ्टवेयर : पायलटों के फ्लाइट टाइम, ड्यूटी टाइम और रेस्ट पीरियड का रियल-टाइम हिसाब रखा जाएगा। यदि किसी पायलट की ड्यूटी तय सीमा से अधिक हो रही होगी, तो सिस्टम पहले ही वार्निंग और अलर्ट जारी कर देगा। पायलटों की छुट्टी, ऑन-कॉल ड्यूटी और क्रू शेड्यूलिंग पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी।
CAMO सॉफ्टवेयर : एयरक्राफ्ट या हेलीकॉप्टर का कौन-सा पार्ट कब बदलना है या सर्विसिंग कब ड्यू है, इसकी एडवांस लिस्ट और अलर्ट खुद-ब-खुद जेनरेट हो जाएंगे। हेलीकॉप्टर के इंजन और कंपोनेंट्स की रनिंग आवर्स (उड़ान के घंटे) का सटीक रिकॉर्ड रहेगा। सभी टेक्निकल रिकॉर्ड, इंस्पेक्शन रिपोर्ट और डीजीसीए ऑडिट रिपोर्ट एक क्लिक में डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध होंगी।