- गेट पास रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर HSAMB सख्त, मुख्यालय छोड़ने से पहले लेनी होगी अनुमति
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की कनीना मार्केट कमेटी में गेट पास रिकॉर्ड की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक धर्मेंद्र सिंह (IAS) ने सहायक सचिव अजीत कुमार यादव और मंडी सुपरवाइजर कुलदीप सिंह पर कार्रवाई की।
जांच टीम को गेट पास जारी करने और रिकॉर्ड संभालने में गड़बड़ियां मिली थीं। रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद निलंबन आदेश जारी किए गए।
पिछले साल भी हुए थे सचिव सस्पेंड
कनीना अनाज मंडी में बाजरा खरीद में गड़बड़ी करने और पैसे लेकर गेट पास जारी करने के आरोप में साल 2025 में मार्केट कमेटी के सचिव मनोज पाराशर को निलंबित किया गया था। सरकार को सूचना मिली कि कनीना अनाज मंडी में बाजरे खरीद को लेकर फर्जीवाड़ा चल रहा है, जिस पर विभाग ने जांच टीम गठित की।
जांच टीम ने कनीना अनाज मंडी में ई-खरीद पोर्टल और मार्केट कमेटी के एच रजिस्टर के आंकड़ों में अंतर पाया। मार्केट कमेटी के अधिकारी व्यापारियों से मिलीभगत करके गेट पास व जे फॉर्म काटने के 100 रूपये क्विंटल की अवैध वसूली करते थे, ताकि भावांतर भरपाई का पैसा बिना बाजरा बेचे किसानों के खाते में आ जाए।
2020 में भी हुए थे मंडी सचिव सस्पेंड
कनीना मंडी में साल 2020 में भी गेट पास गड़बड़ी को लेकर मंडी सचिव आदित्य यादव को सस्पेंड किया गया था। बाजरा खरीद के सीजन में अधिकारियों पर लगातार गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं। हर साल मुख्यालय की टीम जांच के लिए कनीना पहुंचती है।
मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश
आदेश के तहत दोनों अधिकारियों को बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के अपना मुख्यालय न छोड़ने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत नियमानुसार निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।
दस्तावेजों में मिलीं गंभीर कमियां
जांच टीम ने मंडी में गेट पास से संबंधित सभी फाइलों, रजिस्टरों और डिजिटल रिकॉर्ड का बारीक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गेट पास जारी करने और रिकॉर्ड मेंटेन करने में भारी गड़बड़ियां पाई गईं। टीम ने अपनी रिपोर्ट में सहायक सचिव अजीत कुमार यादव और मंडी सुपरवाइजर कुलदीप सिंह को इन कमियों का मुख्य जिम्मेदार ठहराया।
जांच रिपोर्ट बोर्ड के उच्च अधिकारियों को सौंपे जाने के बाद, मुख्य प्रशासक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निलंबन के आदेश जारी कर दिए।