October 17, 2026
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  •  फिर मांगे ₹1 लाख, आयोग के री-पेंट कराने के आदेश

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : पानीपत में नई मारुति स्विफ्ट की पहली फ्री सर्विस के दौरान कार का सफेद रंग पीला पड़ने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने सर्विस सेंटर को बड़ा झटका दिया है। आयोग ने सेंटर को अपने खर्च पर कार को मूल पर्ल आर्कटिक व्हाइट रंग में दोबारा पेंट कराने का आदेश दिया है।

साथ ही कार मालिक सचिन को मानसिक परेशानी के लिए 11 हजार और मुकदमे के खर्च के 5,500 रुपए देने होंगे। आदेश का पालन 45 दिनों में करना होगा, अन्यथा संबंधित राशि पर 12% सालाना ब्याज देना पड़ेगा। आरोप है कि सर्विस सेंटर ने पहले दो दिन में रंग ठीक करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में इसके लिए एक लाख रुपए मांगने लगा।

ये फैसला आयोग अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा, सदस्य डॉ. रेखा चौधरी और विनीत कौशिक की पीठ ने सुनाया है।

नई कार की पहली सर्विस, बदला रंग

कच्चा कैंप स्थित न्यू बसंत नगर निवासी सचिन ने 18 अगस्त 2021 को झट्टीपुर स्थित आरकेएच ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड के ऑटो गैलरी शोरूम से पर्ल आर्कटिक व्हाइट रंग की नई मारुति स्विफ्ट वीएक्सआई खरीदी थी। 30 नवंबर 2021 को वह कार की पहली फ्री सर्विस कराने के लिए इसी सेंटर पर पहुंचे और गाड़ी वहां छोड़ दी।

2 दिन का मांगा समय, काम नहीं किया

शिकायत के अनुसार, कुछ देर बाद सर्विस सेंटर से फोन आया कि कार का पेंट फीका पड़कर पीला हो गया है। कर्मचारियों ने रंग ठीक करने के लिए दो दिन का समय मांगा और भरोसा दिया कि गाड़ी पहले जैसी कर दी जाएगी। लेकिन तय समय के बाद सचिन सेंटर पहुंचे तो कार का रंग वैसा ही था। आरोप है कि इसके बाद रंग ठीक करने के लिए उनसे एक लाख रुपये की मांग की गई।

धुलाई या केमिकल प्रतिक्रिया की बात आई सामने

कार के रंग में बदलाव को लेकर सचिन ने जांच कराई। 14 दिसंबर 2021 को एशियन पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के फील्ड ट्रेनर राजीव कुमार ने कार का निरीक्षण किया। रिपोर्ट के अनुसार, सर्विसिंग के दौरान धुलाई या केमिकल प्रतिक्रिया के कारण कार की बॉडी पर पैच बन गए और रंग पीला पड़ गया।

संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पहुंचा आयोग

सचिन ने इस मामले में कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर अप्रैल 2022 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा दी। उन्होंने कार की मूल रंगत बहाल कराने और नुकसान की भरपाई की मांग की।