- मरम्मत में लापरवाही पर एजेंसी की बैंक गारंटी जब्त होगी, खर्च भी वसूलेगा विभाग
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में सड़कों की खस्ताहाली और मरम्मत में ढिलाई बरतने वाली एजेंसियों पर सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने साफ कर दिया है कि डिफैक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) में आने वाली सड़कों के रखरखाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
यदि संबंधित एजेंसी समय पर मरम्मत नहीं करती, तो विभाग उसकी बैंक गारंटी कैश (जब्त) करवाएगा और अपने संसाधनों से सड़क ठीक कराकर पूरा खर्चा एजेंसी से वसूलेगा।
गंगवा गुरुवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में लोक निर्माण विभाग के आला अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत के लिए जनता की शिकायतों का इंतजार न करें, बल्कि खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करें।
DLP के दायरे में 19 हजार किमी सड़कें
मंत्री ने बताया कि प्रदेश की करीब 19,000 किलोमीटर सड़कें फिलहाल DLP अवधि में हैं। इनके रखरखाव की सीधी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसियों की है। मंत्री ने अधिकारियों को दफ्तरों से बाहर निकलने के आदेश देते हुए कहा कि सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE), एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी हफ्ते में कम से कम तीन दिन अनिवार्य रूप से फील्ड में जाकर सड़कों का जायजा लें।
अब जानिए, बैठक के 4 बड़े फैसले..
- ‘म्हारी सड़क’ ऐप की हवा-हवाई कार्रवाई बंद हो: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर आने वाली शिकायतों का समाधान 10 दिनों के भीतर होना चाहिए। कार्रवाई सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए।
- 1 नवंबर की डेडलाइन: वर्क प्रोग्राम 2026-27 की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि जिन कामों में देरी हुई है, उन्हें अक्टूबर में ही गति दी जाए ताकि 1 नवंबर से हर काम जमीन पर शुरू होता नजर आए।
- कोहरे से पहले रोड सेफ्टी का काम पूरा हो: आगामी धुंध के मौसम को देखते हुए सड़कों पर सफेद पट्टियां (पेंटिंग), संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने का काम समय रहते पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। स्कूल-कॉलेजों के पास विशेष साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
- सरकारी इमारतों पर लगेंगे सोलर पैनल: पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जाने वाली नई इमारतों में सोलर पैनल अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। साथ ही भवन पर निर्माण करने वाले विभाग का नाम और डिस्प्ले प्लेट लगाना अनिवार्य होगा।