- हरियाणा समेत 4 राज्यों के प्रदूषण स्रोतों की करेगी जांच
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के इलाकों में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर अंकुश लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने दिल्ली और NCR की हवा को जहरीली बना रहे पड़ोसी राज्यों के प्रदूषण स्रोतों की पहचान करने के लिए एक 15 सदस्यीय उच्च स्तरीय विशेषज्ञ सब-कमेटी का गठन किया है।
CAQM द्वारा 9 अक्टूबर को जारी आदेशों के अनुसार, यह कमेटी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के उन सीमावर्ती इलाकों और गतिविधियों की गहन जांच करेगी, जो दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण में मुख्य भूमिका निभाते हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 की धारा 11(5) के तहत गठित इस एक्सपर्ट सब-कमेटी का अध्यक्ष CAQM के टेक्निकल मेंबर डॉ. एसडी अत्री को बनाया गया है।
15 सदस्यीय कमेटी में ये शामिल
15 सदस्यीय कमेटी में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों और अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रोफेसर मुकेश शर्मा (प्रोफेसर-एमरिटस, IIT कानपुर), प्रोफेसर साग्निक डे (प्रोफेसर, IIT दिल्ली), प्रोफेसर एसके सिंह (प्रोफेसर, DTU एवं पूर्व कुलपति, RTU कोटा), प्रोफेसर रवींद्र खैवाल (प्रोफेसर, PGIMER चंडीगढ़), डॉ. एसके गोयल (वैज्ञानिक G एवं प्रमुख, CSIR-NEERI, दिल्ली), डॉ. विजय सोनी (वैज्ञानिक G, भारत मौसम विज्ञान विभाग – IMD, नई दिल्ली), डॉ. सचिन घुड़े (वैज्ञानिक F, IITM पुणे), सुरुचि भदवाल (डायरेक्टर, TERI) शामिल हैं। इनके अलावा सदस्य सचिव CPCB (केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), HSPCB (हरियाणा), UPPCB (उत्तर प्रदेश), RSPCB (राजस्थान) और PPCB (पंजाब) के सदस्य सचिव शामिल हैं। डॉ. विकास सिंह (वैज्ञानिक E, CAQM) को कमेटी का मेंबर-कन्विनर नियुक्त किया गया है।
सब-कमेटी के मुख्य कार्य और अधिकार
- पड़ोसी इलाकों की पहचान: हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के उन सीमावर्ती क्षेत्रों की पहचान करना, जहां स्थित प्रदूषण के स्रोत दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
- प्रदूषणकारी गतिविधियों की मैपिंग: इन इलाकों में होने वाली मुख्य औद्योगिक, कृषि या अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों को चिह्नित करना।
- विशेषज्ञों को शामिल करने की छूट: सब-कमेटी के अध्यक्ष आवश्यकता अनुसार अन्य विशेषज्ञों को भी कमेटी में शामिल (Co-opt) कर सकते हैं।
2 महीने में पेश करनी होगी रिपोर्ट
CAQM द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, इस नवनिर्मित विशेषज्ञ सब-कमेटी को अपनी गहन अध्ययन रिपोर्ट आगामी 2 महीने के भीतर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी सर्दियों के मौसम में NCR और आसपास के जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।