October 2, 2026
2 oct 15
  • केंद्र ने जारी की गजट अधिसूचना

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाले मुख्य रेल मार्ग पर यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और ट्रेनों की गति को रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई है। रेल मंत्रालय ने दिल्ली-पानीपत-अंबाला (198 किमी) रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने, इसके रखरखाव और भविष्य के संचालन को ध्यान में रखते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिससे इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को जमीन पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है।

समालखा और पानीपत तहसील में कुल 20 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित

जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, इस विशेष रेल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत हरियाणा के पानीपत जिले की समालखा और पानीपत तहसील के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों की कुल 8.1143 हेक्टेयर (लगभग 20 एकड़) जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह पूरी जमीन रेलवे के नए ट्रैक बिछाने, ओवरब्रिज, अंडरपास और अन्य तकनीकी ढांचागत निर्माण कार्यों के लिए चिन्हित की गई है। जमीन का यह रकबा मुख्य रूप से दो तहसीलों के 13 प्रमुख गांवों के अंतर्गत आता है।

समालखा के 7 और पानीपत के 6 गांवों से ली जाएगी जमीन

भोड़वाल माजरी से 0.6100 हेक्टेयर, चुलकाना से 1.8218 हेक्टेयर, किवाना से 0.2424 हेक्टेयर, मनाना से 0.7098 हेक्टेयर, करहंस से 1.8425 हेक्टेयर, मछरौली से 0.4227 हेक्टेयर, झटीपुर से 0.4842 हेक्टेयर। इसी के साथ पानीपत तहसील के गांव कुल 6 गांव शामिल हैं। जिनमें दिवाना 0.5517 हेक्टेयर, सिवाह 0.1769 हेक्टेयर, काबड़ी 0.7181 हेक्टेयर, सराय बछड़ा 0.1507 हेक्टेयर, निजामपुर 0.2008 हेक्टेयर, तरफ इंसार 0.5351 हेक्टेयर

भू-स्वामियों के लिए 30 दिनों की आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा

अधिसूचना में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि किसी भी भू-स्वामी, काश्तकार या इस जमीन से जुड़े किसी भी हितबद्ध व्यक्ति को इस अधिग्रहण प्रक्रिया, भूमि के रकबे, या इसके प्रस्तावित उपयोग को लेकर कोई आपत्ति है, तो वे राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया

आपत्ति केवल लिखित रूप में स्वीकार की जाएगी। लिखित आपत्ति जिला राजस्व अधिकारी (DRO) के कार्यालय में जमा करानी होगी। निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राप्त आपत्तियों पर सक्षम प्राधिकारी (DRO) द्वारा नियमानुसार सुनवाई की जाएगी, जिसके बाद इस पर अंतिम और बाध्यकारी निर्णय लिया जाएगा। अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के नक्शे, खसरा नंबर और अन्य विस्तृत दस्तावेज निरीक्षण के लिए पानीपत के जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करा दिए गए हैं, जहां कोई भी प्रभावित व्यक्ति जाकर इनका अवलोकन कर सकता है।

दिल्ली-अंबाला रेल लाइन के विस्तार से मिलेगा बड़ा लाभ

वर्तमान में दिल्ली-पानीपत-अंबाला मार्ग उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेल गलियारों में से एक है। इस मार्ग पर मालगाड़ियों और एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही अत्यधिक होने के कारण अक्सर ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण पूरा हो जाने के बाद पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी। मालगाड़ियों की आवाजाही आसान होगी, जिससे औद्योगिक माल की ढुलाई में तेजी आएगी। दिल्ली, सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र और अंबाला के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों कर्मचारियों और छात्रों को अतिरिक्त लोकल व मेमू ट्रेनें मिलने की संभावना बढ़ेगी।