- संदिग्ध लेनदेन की होगी रिस्क प्रोफाइलिंग, 2047 तक 15% राजस्व लक्ष्य
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में अब टैक्स चोरी और फर्जीवाड़ा करने वालों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। सीएम नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार करों की दरें बढ़ाए बिना अपना राजस्व (टैक्स कलेक्शन) मजबूत करेगी। इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल कर टैक्स चोरी और लीकेज पर नकेल कसी जाएगी।
सीएम सैनी बुधवार को चंडीगढ़ में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (SJHIFM) द्वारा आयोजित ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि AI का उद्देश्य केवल निगरानी रखना नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था बनाकर ईमानदार करदाताओं को सुगम सेवाएं देना भी है।
विभागों का आपस में डेटा इंटीग्रेशन: जीएसटी (GST), संपत्ति पंजीकरण, परिवहन (व्हीकल डेटा), बिजली बिल, शहरी विकास और अन्य सरकारी प्रणालियों के डेटा को आपस में लिंक किया जाएगा।
एआई और मशीन लर्निंग से मैपिंग: अलग-अलग विभागों से मिलने वाले डेटा को AI और मशीन लर्निंग के जरिए एनालाइज किया जाएगा। इससे कारोबारियों की वास्तविक आर्थिक गतिविधियों और उनके द्वारा जमा किए गए टैक्स का मिलान आसानी से हो सकेगा।
रिस्क प्रोफाइलिंग: एडवांस डेटा एनालिटिक्स के जरिए संदिग्ध लेनदेन और टैक्स लीकेज वाले क्षेत्रों की तुरंत पहचान (रिस्क आइडेंटिफिकेशन) हो जाएगी, जिससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी।
डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया: ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ और ‘ऑटो म्यूटेशन सिस्टम’ जैसे सुधारों के जरिए इंतकाल और रजिस्ट्रेशन को फेसलेस व पारदर्शी बनाया जा रहा है।
टैक्स चोरी पर रोक से पूरे होंगे बड़े आर्थिक लक्ष्य
वर्ष 2030 और 2047 के लक्ष्य: वर्तमान में राज्य का अपना कर-राजस्व जीएसडीपी (GSDP) के 7 प्रतिशत से कम है। इसे 2030 तक 10 प्रतिशत और 2047 तक 15 प्रतिशत पर ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं: सीएम ने दो टूक कहा—”दर नहीं, आधार बढ़ाना है; बोझ नहीं, अनुपालन (कंप्लायंस) बढ़ाना है।” यानी कर की दरें बढ़ाए बिना केवल कवरेज और अनुपालन बेहतर करके यह राजस्व जुटाया जाएगा।
व्यापारियों को राहत-सेटलमेंट की तारीख बढ़ी: पुराने लंबित कर विवादों और मुकदमों के निपटारे के लिए लागू की गई ‘हरियाणा एकबारगी व्यवस्थापन स्कीम, 2026’ की अवधि को व्यापारियों की मांग पर बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दिया गया है। सीएम ने बताया कि 2025 की योजना का फायदा करीब 1.15 लाख व्यापारियों ने उठाया था।
हरियाणा में 1.5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी बनने का दम
कार्यक्रम में शामिल हुए भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि हरियाणा के पास वर्ष 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की पूरी क्षमता और ढांचा मौजूद है। उन्होंने विश्वास-आधारित और जोखिम-आधारित नियमों के साथ-साथ AI व डेटा इंटीग्रेशन जैसे आधुनिक कदमों की सराहना की।