- अधिकतम तापमान में 3.2°C की गिरावट, कल से मौसम रहेगा साफ
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में मानसून की सक्रियता से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। मौसम विभाग (IMD) और चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के अनुसार, राज्य में आज ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून ट्रफ रेखा के राज्य के करीब आने से मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है। आज प्रदेश के 18 जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद महेंद्रगढ़, नूंह, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, और पलवल में कई स्थानों पर गर्जन-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं में कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत और सोनीपत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क से आंशिक परिवर्तनशील रह सकता है।
एक दिन पहले हिसार में सबसे ज्यादा बारिश
हरियाणा में एक दिन पहले (17 सितंबर) प्रदेश के कई इलाकों में तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश हिसार जिले में दर्ज की गई है।
हिसार में 64.2 mm, जींद में 40.5 mm, सिरसा में 31.5 mm, पानीपत में 22.5 mm, यमुनानगर में 19.0 mm, नूंह में 14.5 mm, फतेहाबाद में 13.0 mm, भिवानी में 12.0 mm, सोनीपत में 11.5 mm, कैथल में 5.0 mm और करनाल में 8.0 mm बारिश रिकॉर्ड की गई है।
अधिकतम तापमान में 3.2°C और न्यूनतम में 2.4°C की गिरावट
बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से पूरे प्रदेश में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। इससे औसतन अधिकतम तापमान में 3.2°C की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
हिसार में अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 7.5°C की गिरावट आई और यह 30.9°C दर्ज किया गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान नूंह में 34.6°C दर्ज किया गया। वहीं औसतन न्यूनतम तापमान में 2.4°C की गिरावट आई, जो सामान्य से 1.8°C कम रहा। पूरे राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिसार में 20.5°C रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 4.4°C कम रहा।
कल से मौसम साफ होना शुरू होगा
कृषि मौसम विज्ञान विभाग (HAU हिसार) के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 18 सितंबर तक राज्य में मौसम परिवर्तनशील रहेगा और ज्यादातर स्थानों पर हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। 19 सितंबर से मानसून की गतिविधियों में कमी आने और मौसम के धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है।