September 10, 2026
10 sep 19
  •  ड्यूटी से गैरहाजिरी पर विवाद, रेडियोग्राफर पर कार्रवाई की मांग

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  झज्जर जिले के बहादुरगढ़ के ट्रॉमा सेंटर में कार्यवाहक पीएमओ के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप ट्रॉमा सेंटर के एक्स-रे रूम में तैनात रेडियोग्राफर संदीप पर लगा है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों में रोष फैल गया। विरोध में डॉक्टरों ने काम बंद कर ट्रॉमा सेंटर के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, कार्यवाहक पीएमओ डॉ. विनय देशवाल ट्रॉमा सेंटर में राउंड कर रहे थे। इसी दौरान रेडियोग्राफर संदीप के साथ उनकी कहासुनी हुई। आरोप है कि बात बढ़ने पर संदीप ने डॉ. विनय देशवाल के साथ मारपीट की। घटना के बाद डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

गैरहाजिरी को लेकर कार्रवाई की आशंका

बताया जा रहा है कि रेडियोग्राफर संदीप के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने को लेकर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की आशंका थी। डॉक्टरों का आरोप है कि इसी बात को लेकर वह पीएमओ से रंजिश रखता था। हालांकि, मारपीट की वास्तविक वजह और घटनाक्रम पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

8 सितंबर को भी बदतमीजी का आरोप

डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि 8 सितंबर को भी संदीप पीएमओ रूम में पहुंचा था और डॉ. विनय देशवाल के साथ बदतमीजी की थी। इसके बाद अब राउंड के दौरान मारपीट की घटना सामने आई है। लगातार दो घटनाओं के चलते डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई।

आधे दिन काम बंद कर जताया विरोध

घटना के विरोध में एचसीएमएस एसोसिएशन ने आधे दिन का वर्क सस्पेंड किया। डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर के बाहर एकत्रित हुए और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। डॉक्टरों ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थान में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना गंभीर है और ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

डॉक्टरों ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकार से स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग भी उठाई।

पुलिस को शिकायत, PMO का मेडिकल कराया

मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। घटना के बाद कार्यवाहक पीएमओ डॉ. विनय देशवाल का मेडिकल भी कराया गया। वहीं, आरोपी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग को लेकर सिविल सर्जन को लिखित शिकायत भी भेजी गई है।

अब पुलिस शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी। डॉक्टरों ने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।