- डिप्टी CMO बोले- स्वाइन फ्लू को 3 कैटेगरी में बांटा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : पानीपत जिले में मौसमी बीमारियों (डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू) के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग ने राहत भरी खबर दी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह हुड्डा ने जिले में स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि पानीपत में वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। अस्पतालों में मरीजों का इलाज तय गाइडलाइंस के अनुसार किया जा रहा है।
डिप्टी सीएमओ के अनुसार, जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर सैंपलिंग की जा रही है। विभाग द्वारा अब तक लगभग 1,500 टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें से कुल 8 मरीज ही पॉजिटिव पाए गए थे। राहत की बात यह है कि सभी 8 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल अस्पताल में डेंगू का एक भी मरीज भर्ती नहीं है।
मलेरिया जांच का व्यापक अभियान जारी
मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार एक्टिव-पैसिव सर्वे चला रहा है। जिले भर से अब तक लगभग 94 हजार स्लाइड्स (नमूने) तैयार किए जा चुके हैं और जांच की यह प्रक्रिया लगातार जारी है। जांच में कुछ मरीज पॉजिटिव आए थे, लेकिन उचित इलाज के बाद वे सभी पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।
जानें कैटेगरी अनुसार लक्षण व इलाज
डॉ. विजेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 10 मामले सामने आए हैं, लेकिन सभी मरीजों की हालत सामान्य है। स्वाइन फ्लू एक वायरल बीमारी है, जिसके मरीजों को सरकारी गाइडलाइंस के तहत तीन श्रेणियों में वर्गीकृत कर इलाज दिया जाता है।
- कैटेगरी A: मरीज को हल्की खांसी और गले में हल्का दर्द होता है। इसमें विशेष उपचार की आवश्यकता नहीं होती; केवल मरीज को आइसोलेशन में रहने और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी जाती है।
- कैटेगरी B: इसमें खांसी और गले का दर्द बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों को आइसोलेट करने के साथ-साथ उनके संपर्क में आए लोगों को भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
- कैटेगरी C: यह गंभीर स्थिति होती है, जिसमें मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ और गले में तेज परेशानी होती है। ऐसे मरीजों की विशेष जांच और तुरंत इलाज पर ध्यान दिया जाता है।
कम इम्यूनिटी वाले लोग बरतें सावधानी
डिप्टी सीएमओ ने स्पष्ट किया कि स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को होता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी (जैसे- हार्ट डिजीज, कैंसर, टीबी या एचआईवी) से पीड़ित मरीजों को इस सीजन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
अस्पताल में अलग चेकिंग कॉर्नर स्थापित
वायरल और खांसी-बुखार के इस सीजन को देखते हुए नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच और सैंपल लेने के लिए अलग से स्पेशल चेकिंग कॉर्नर बनाया गया है। डिप्टी सीएमओ ने खुद वहां का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जहां सभी इंतजाम दुरुस्त पाए गए।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि मौसमी बुखार होने पर घबराएं नहीं और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टरों की सलाह लें।