- डंकी रूट से भेजा मेक्सिको, 14 महीने जेल काटकर लौटा बेटा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के सरकारी चालक को निशाना बनाकर 50 लाख रुपए की बड़ी ठगी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित चालक ने अपने इंजीनियर बेटे को वैध तरीके से अमेरिका भेजने के नाम पर ठगी करने, धोखे से डंकी रूट के जरिए मेक्सिको के रास्ते अमेरिका भिजवाने और 14 महीने तक अमेरिकी जेल में सड़वाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने पानीपत के कथित ट्रैवल एजेंट और उसके साथियों के खिलाफ कैबिनेट मंत्री अनिल विज को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। मंत्री के आदेशों पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिश्तेदारी के जरिए हुआ था एजेंट से संपर्क
पुलिस और मंत्री को दी गई शिकायत में सोनीपत के गोहाना निवासी राकेश कुमार ने बताया कि वह हरियाणा सरकार के मिनिस्ट्री कार सेक्शन में बतौर चालक तैनात हैं और इस समय अंबाला कैंट स्थित शास्त्री कॉलोनी में मंत्री अनिल विज के आवास पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राकेश कुमार ने बताया कि उनके साले के दोस्त मनोज कुमार निवासी पिल्लूखेड़ा, जींद ने उनकी मुलाकात पानीपत की गोपाल कॉलोनी निवासी कथित ट्रैवल एजेंट कुलदीप (मूल निवासी सफीदों) से करवाई थी। राकेश कुमार के छोटे बेटे नवीन वर्मा ने सीनियर मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हुई है और वह उच्च शिक्षा व रोजगार के लिए अमेरिका जाना चाहता था।
40 लाख में तय हुआ था लीगल बाय-एयर वीजा का सौदा
पानीपत में हुई पहली बैठक में एजेंट कुलदीप ने नवीन को वैध तरीके से (बाय-एयर) कानूनी प्रक्रिया के जरिए अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इस सौदे के लिए कुल 40 लाख रुपए तय हुए।
- 5 लाख रुपये एडवांस: पीड़ित के बड़े बेटे प्रवीण वर्मा ने अपने दोस्त अमित की मौजूदगी में पहली ही मुलाकात में एजेंट कुलदीप को 5 लाख रुपए नकद एडवांस दे दिए।
- पासपोर्ट और 10 लाख नकद: अक्टूबर 2024 में एजेंट गोहाना स्थित पीड़ित के घर पहुंचा, जहां से वह नवीन का पासपोर्ट ले गया। इसके कुछ ही दिनों बाद पानीपत के सनौली रोड पर एजेंट को 10 लाख रुपए नगद थमा दिए गए।
- होटल मिड टाउन में 8 लाख रुपये: 19 अक्टूबर 2024 को वीजा लगवाने के नाम पर एजेंट कुलदीप और उसके साथी आशू ने 8 लाख रुपए की मांग की। पीड़ित का बड़ा बेटा प्रवीण और उसका दोस्त अमित पानीपत के होटल मिड टाउन पहुंचे, जहां प्रवीण की ID पर कमरा बुक हुआ। वहां दोनों आरोपियों को 8 लाख रुपए कैश दिए गए।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और पिहोवा में लाखों की वसूली
- 25 अक्टूबर 2024: एजेंट के कहने पर 92,150 रुपए दुबई में रह रहे सिद्धार्थ गोयल निवासी लाडवा के खाते में गूगल पे करवाए गए।
- 4 व 5 नवंबर 2024: नवीन के खाते में 95,000 रुपए चार किस्तों में डलवाए गए। इसके अगले ही दिन सिद्धार्थ गोयल के खाते में 52,000 रुपए और 2,800 रुपए दोबारा ट्रांसफर करवाए गए।
- 15 नवंबर 2024: एजेंट कुलदीप अपने साथी सोनू रंधावा निवासी ब्यास, पंजाब के साथ गोहाना घर पहुंचा और 12 लाख रुपए कैश ले गया।
- दिसंबर 2024 की वसूली: 3 दिसंबर को एजेंट पीड़ित के बेटे प्रवीण को गाड़ी में बैठाकर पेहोवा कुरुक्षेत्र ले गया और वहां किसी अनजान व्यक्ति को 10 लाख रुपए दिलवाए। 5 दिसंबर को गोहाना घर आकर 5 लाख रुपए और ले लिए गए।
डंकी रूट’ की खौफनाक हकीकत: 14 महीने अमेरिकी डिपोर्टेशन सेंटर में रहा बंद
तथाकथित काम पूरा होने का दावा करते हुए 5 नवंबर 2024 को नवीन को फ्रांस की फ्लाइट में बैठाया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर एजेंट कुलदीप ने उससे 95,000 रुपए और ऐंठ लिए। एजेंट ने परिजनों को यह कहकर गुमराह किया कि प्रोसीजर के तहत कुछ दिन बेटे से बात नहीं हो पाएगी। लेकिन सच्चाई बेहद खौफनाक थी। एजेंट ने लीगल रास्ते की बजाय नवीन को अवैध तरीके से डंकी रूट से मेक्सिको पहुंचा दिया और वहां से सीमा पार कराके अमेरिका में अवैध घुसपैठ करवा दी। अमेरिका में दाखिल होते ही वहां की बॉर्डर पुलिस ने नवीन को धर दबोचा। इसके बाद मासूम छात्र को 14 महीने तक अमेरिका के डिटेंशन सेंटर में जेल की सलाखों के पीछे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ा। आखिरकार, दिसंबर 2025 में अमेरिकी सरकार ने उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया।
पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी और झूठे केस का डर
दिसंबर 2025 में जब बेटा बदहवास हालत में डिपोर्ट होकर घर लौटा, तो ठगी का अहसास होते ही परिजनों ने एजेंट कुलदीप को दबोचा। बिरादरी की पंचायत बुलाई गई, जिसमें एजेंट ने 1 महीने के भीतर पूरे 50 लाख रुपए लौटाने का लिखित और मौखिक वादा किया। हालांकि, समय सीमा बीतते ही आरोपी अपनी बात से मुकर गया। उसने पीड़ित का फोन उठाना बंद कर दिया और छिपने लगा। पीड़ित का आरोप है कि अब जब भी वे रुपए वापस मांगते हैं तो आरोपी कुलदीप, आशू, सोनू रंधावा और उनके साथी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। आरोपी अपनी ऊंची राजनीतिक व प्रशासनिक पहुंच का रौब दिखाते हुए पीड़ित परिवार को झूठे पुलिस केस में फंसाने की धमकियां भी दे रहा है।