August 22, 2026
22 aug 10
  • गांव गैबीपुर में कल पहुंची थी टीम, DC ने एक दिन बाद की कार्रवाई

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा में सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति और अध्यापकों की भारी कमी को लेकर छिड़ा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कंट्रोवर्सी देखने को मिली है।

आज मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब डीसी हिसार महेंद्रपॉल ने गांव गैबीपुर के सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया। हालांकि सस्पेंशन लेटर में निलंबित करने का कारण दूसरा बताया गया है।

मगर, एक दिन पहले शुक्रवार को अध्यापकों की भारी कमी से गुस्से में आए गैबीपुर गांव के ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ा दिया था। मौके पर पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) जिले सिंह और गांव के सरपंच पवन मेहता के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने ताला खोला। माना जा रहा है कि मामले में सरपंच की भूमिका संदिग्ध रही जिसके कारण उसे सस्पेंड कर दिया गया।

गांव में बच्चों को पढ़ाने के लिए 3 अध्यापक

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के प्राइमरी स्कूल में 361 बच्चे हैं और तीन ही अध्यापक है। यहां 14 अध्यापकों की जरूरत है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां करीब डेढ़ महीना पहले 14 अध्यापक थे जो अब सिर्फ तीन रह गए हैं।

एक अध्यापक हेमदत उनकी बीएलओ में ड्यूटी है। दो अध्यापक बच्चों को क्या पढ़ाएंगे मिड डे मिल के बर्तन भी उठवाने होते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वह लगातार पत्राचार कर चुके हैं मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन को तीन दिन का समय दिया है।

प्रशासन ने इसलिए क्या सस्पेंड

दरअसल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) बरवाला की जांच में सरपंच पर गंभीर प्रकृति के आरोप सिद्ध हुए थे। गांव के कामों में अनियमितताएं मिली थी। इसके लिए उपायुक्त (DC) कार्यालय द्वारा सरपंच को दो बार कारण बताओ नोटिस (27 अक्टूबर 2025 और 26 फरवरी2026) दिए गए थे।

नियम के अनुसार सरपंच को 7 दिन के भीतर जवाब देना था, लेकिन 5 महीने 14 दिन बीत जाने के बाद भी सरपंच ने नोटिस का कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। हालांकि 5 महीने बाद हुई अचानक कार्रवाई को स्कूल प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

कार्रवाई किस कानून के तहत हुई

हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1) (ख) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिसार के उपायुक्त महेंद्रपाल ने सरपंच को तुरंत प्रभाव से पद से निलंबित किया है। धारा 51(2) के तहत उनके भविष्य में पंचायत की किसी भी कार्रवाई में भाग लेने पर रोक लगा दी गई है और ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड, धनराशि व संपत्ति बहुमत रखने वाले पंच को सपने के आदेश दिए गए हैं।

हांसी और भिवानी प्रशासन सख्त, बाहरी लोगों की एंट्री पर बैन

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हांसी और भिवानी जिला प्रशासन पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया है और ताबड़तोड़ निर्देश जारी किए जा रहे हैं। हांसी डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारियों और बीईओ को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि किसी भी सरकारी स्कूल में बाहरी या अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, ताकि पढ़ाई में बाधा न पहुंचे। भिवानी प्रशासन ने सभी स्कूलों को जर्जर और खतरनाक कमरों में कक्षाएं न लगाने के सख्त आदेश दिए हैं और ऐसे कमरों की रिपोर्ट मांगी है।