- बोला- गुरुजी को गंगाजल से स्नान कराऊंगा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : फरीदाबाद के सरूरपुर गांव का 28 वर्षीय रमन हरिद्वार से दंडवत कांवड़ यात्रा पर निकला है। वह हाल ही में जॉर्डन से नौकरी छोड़कर भारत आया। वह 4 लीटर गंगाजल से भरा कलश लेकर वृंदावन जा रहा है।
रमन का कहना है कि वह प्रेमानंद महाराज के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए यह यात्रा कर रहा है और वृंदावन पहुंचकर उन्हें गंगाजल से स्नान कराना चाहता है।
उसकी करीब 350 किलोमीटर लंबी यात्रा 22 जुलाई को शुरू हुई थी। फिलहाल वह फरीदाबाद पहुंच चुका है। उसके साथ दो भाई और तीन दोस्त हैं। कुल छह लोग इस यात्रा में शामिल हैं।
5 साल जॉर्डन में की नौकरी, स्वास्थ्य की खबर सुनकर लौट आया
रमन मूल रूप से फरीदाबाद के सरूरपुर गांव का रहने वाला है। 10वीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद फरीदाबाद में एक्सपोर्ट कंपनी में काम किया। फिर करीब पांच साल पहले जॉर्डन चला गया। वहां उसे करीब 45 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता था। यहां वह एक एक्सपोर्ट कंपनी में कोऑर्डिनेटर की नौकरी कर रहा था। परिवार में माता-पिता, चार भाई और एक बहन हैं। वह सबसे छोटा है। उसके पिता बदरपुर बॉर्डर पर सिक्योरिटी गार्ड हैं। दो भाई निजी कंपनी में काम करते हैं, जबकि एक भाई की घरेलू सामान की दुकान है।
3 साल पहले प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनने शुरू किए
करीब तीन साल पहले उसने ऑनलाइन प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनने शुरू किए। धीरे-धीरे वह उनसे जुड़ता चला गया। वह रोजाना तीन से चार घंटे तक नियमित रूप से उनके प्रवचन सुनता था। जब उसे उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मिली तो उसने उनके लिए दंडवत कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया। इसके लिए उसने नौकरी छोड़ दी। 20 अप्रैल को जॉर्डन से रवाना हुआ और 21 अप्रैल को भारत पहुंच गया।
पहले भी 12 कांवड़ ला चुका, दंडवत पहली
रमन ने बताया कि भारत लौटने के बाद भी वह नियमित रूप से प्रवचन सुनता रहा। इससे पहले वह 12 बार अलग-अलग प्रकार की कांवड़ ला चुका है, लेकिन दंडवत कांवड़ यात्रा पहली बार कर रहा है। शुरुआत में उसने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी थी। बाद में पता चलने पर परिवार ने उसका साथ दिया।
अब रोजाना 8 किलोमीटर तय कर रहा सफर
रमन ने बताया कि शुरुआत में वह रोज करीब पांच किलोमीटर चलता था, लेकिन अब प्रतिदिन करीब आठ किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। उसके साथ भाई सोनू और कुंदन भी यात्रा कर रहे हैं। तीन अन्य साथी उसके दोस्त हैं। सभी लोग रास्ते में खाना बनाने का सामान अपने साथ लेकर चल रहे हैं।
आज तक प्रेमानंद महाराज से नहीं मिला
रमन ने बताया कि वह अब तक कभी प्रेमानंद महाराज से नहीं मिला, क्योंकि जब से वह उनके प्रवचन सुनने लगा, तब से विदेश में ही था। उसे विश्वास है कि वृंदावन पहुंचने पर उसकी मुलाकात महाराज से जरूर होगी। वह उन्हें गंगाजल से स्नान कराना चाहता है। यही उसके जीवन की सबसे बड़ी इच्छा है।
हरियाणा में ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
रमन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में यात्रा के दौरान पुलिस की ओर से अच्छे इंतजाम मिले। हालांकि कालिंदी कुंज के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करने के बाद फरीदाबाद में भारी ट्रैफिक के कारण आगे बढ़ने में परेशानी हुई। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और उसके साथियों को खुद रास्ता बनाते हुए आगे बढ़ना पड़ा।