July 24, 2026
24 july 3
  • शिक्षा निदेशालय का आदेश , सप्ताह में एक दिन प्रार्थना सभा में होगा सामूहिक गायन

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में हरियाणा राज्य-गीत के नियमित गायन को लेकर आदेश जारी किए हैं। 22 जुलाई 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक सरकारी स्कूल में सप्ताह में एक दिन प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के बाद हरियाणा राज्य-गीत का सामूहिक गायन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू कर विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कराई जाएं। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत, गौरव और राज्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है।

सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की पहल

शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालय स्तर पर राज्य-गीत के नियमित गायन से विद्यार्थियों में प्रदेश की संस्कृति, इतिहास और पहचान के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही उनमें राज्य के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।

यह आदेश सहायक निदेशक (शैक्षिक शाखा), विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।

पानीपत के बालकिशन ने लिखा राज्य गीत

इस गीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। डॉ. श्याम शर्मा गायक, पारस चोपड़ा कम्पोजर और रोहतक की मालविका पंडित ने डायरेक्ट किया है। खास बात यह है कि गीत के लिए प्रदेश सरकार से किसी भी कलाकार ने कोई फीस नहीं ली। राज्य गीत को चयन कमेटी ने 12 बैठकों के बाद फाइनल किया है। 15 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हरियाणा राज्य गीत चयन के लिए प्रस्ताव लेकर आए थे। 19 दिसंबर 2023 को सदन में राज्य गीत के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई और इसके चयन को लेकर 5 विधायकों की समिति का गठन किया गया था।

कमेटी के 5 सदस्यों ने गीत किया फाइनल

राज्य गीत फाइनल करने के लिए हरियाणा विधानसभा की तरफ से कमेटी बनाई गई थी। जिसमें रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को अध्यक्ष बनाया गया। इनके अलावा, झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया।

कमेटी के पास 204 गीत पहुंचे थे। इनमें से कमेटी ने 3 गीत सिलेक्ट किए। आखिरी मंथन के बाद ‘जय जय जय हरियाणा’ गीत को फाइनल किया गया।

गीत में हरियाणा के रहन-सहन और भाईचारे काे बताया

3 मिनट के गीत में हरियाणा को वेदों की पावन धरती के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया और महाभारत का इतिहास रचा गया। भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा की विशेषता बताते हुए गीत में शिवालिक पर्वत श्रृंखला, अरावली पर्वत और यमुना नदी का जिक्र किया गया है। साथ ही प्राचीन सरस्वती नदी के महत्व को भी दर्शाया गया है।

हरियाणवी जीवनशैली की सादगी को दूध-दही के खानपान के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। गीत में राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक एकता को बताया गया है। यहां होली, दिवाली, ईद और गुरुपर्व जैसे सभी धर्मों के त्योहार मिलजुल कर मनाए जाते हैं। राज्य की प्रगति को शिक्षा और व्यापार के विकास से जोड़ा गया है। सांग और रागनी जैसी लोक कलाओं का भी उल्लेख है।

हरियाणा के राष्ट्रीय योगदान को भी गीत में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। राज्य के किसानों द्वारा सोने जैसी फसलें उगाने, खिलाड़ियों द्वारा देश के लिए मेडल जीतने और सैनिकों द्वारा सीमाओं की रक्षा करने का गौरवपूर्ण जिक्र किया गया है। गीत के समापन में बताया गया है कि कैसे छोटा होने के बावजूद हरियाणा देश की विशेष शान है, जहां ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा आज भी है।