June 4, 2026
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  • दादूवाल गुट के रुख पर नजर

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : आर्थिक संकट, कर्मचारियों की लंबित सैलरी और संस्थान के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आज गुरुवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) की अहम बैठक कमेटी के हेड मुख्यालय कुरुक्षेत्र में होने जा रही है। बैठक का केंद्र बिंदु मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज एवं संस्थान रहेगा, जिसे हाल ही में कोर्ट के फैसले के बाद HSGMC के अधीन लाया गया है।

HSGMC प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कमेटी के सभी 49 सदस्यों को बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है। झींडा का कहना है कि संस्थान को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा। इसे चलाने के लिए कमेटी को मिलकर ठोस रोडमैप तैयार करना होगा। हालांकि कमेटी के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल और जगदीश सिंह झींडा के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं।

दादूवाल पहले उठा चुके सवाल

मीरी-पीरी संस्थान को लेकर पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल पहले भी खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। दादूवाल ने झींडा पर संस्थान की वास्तविक स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं होने के आरोप लगाया था। ऐसे में आज की बैठक केवल संस्थान के भविष्य को लेकर ही नहीं, बल्कि कमेटी के भीतर एकजुटता की परीक्षा के रूप में भी देखी जा रही है।

दादूवाल के शामिल होने पर नजर

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दादूवाल और उनके समर्थक बैठक में शामिल होते होंगे या नहीं। अगर दादूवाल गुट बैठक में शामिल होता है तो संस्थान को लेकर व्यापक सहमति बनने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं उनकी गैरमौजूदगी कमेटी के अंदर जारी खींचतान को भी उजागर कर सकती है।

सैलरी संकट और बजट सबसे बड़ा मुद्दा

बैठक से एक दिन पहले मीरी-पीरी संस्थान के कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी सैलरी को लेकर HSGMC प्रधान जगदीश सिंह झींडा और SGPC सचिव सुखमिंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा था। कर्मचारियों ने वेतन भुगतान और संस्थान के भविष्य को लेकर चिंता जताई थी। झींडा ने स्वीकार किया था कि संस्थान का खर्च काफी बड़ा है, जबकि आय के स्रोत सीमित हैं।

मीरी-पीरी कोई छोटी संस्था नहीं

मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज और संस्थान बड़ी संस्था है। इसकी नींव 1992 के आसपास रखी गई थी और 1996 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। आज बैठक में संस्थान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, फंडिंग के नए स्रोत तलाशने, कर्मचारियों की सैलरी के समाधान और संस्थान के संचालन मॉडल पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।