October 1, 2026
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  • पत्नी का आधार बनवाते वक्त आया आइडिया

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के फरीदाबाद के जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालक ने एनआईटी से भाजपा विधायक सतीश फागना के नाम से फर्जी मुहर बना ली। लेटरपैड और हस्ताक्षर भी तैयार कर लिए।इसके बाद लोगों से 800 से 1000 रुपए लेकर उनके दस्तावेजों पर विधायक के नाम से सत्यापन करने लगा।

मामला तब पकड़ में आया, जब दस्तावेज तैयार करवाने वाले कुछ लोग इन वेरिफाई कागजात को लेकर विधायक के कार्यालय पहुंचे। दस्तावेज देख कार्यालय प्रभारी को मुहर पर शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। इस पर लोगों ने सीएससी संचालक का नाम बता दिया।

इसका पता चलते ही विधायक की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से फर्जी मुहर और लेटरपैड भी बरामद हुए। आज पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी।

पत्नी का आधार बनवाने पहुंचा, विधायक के दस्तावेजों पर नजर पड़ी : आरोपी की पहचान पर्वतीय कॉलोनी में जन सुविधा केंद्र चलाने वाले सौरभ के रूप में हुई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि सौरभ अपनी पत्नी के आधार कार्ड में बदलाव कराने के लिए विधायक सतीश फागना के कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने विधायक के लेटरपैड, मुहर और हस्ताक्षर देखे। इसके बाद उसने इन्हीं की नकल तैयार करवा ली और अपने काम में इस्तेमाल करने लगा।

100 से ज्यादा लोगों के दस्तावेजों पर फर्जी सत्यापन : सौरभ लोगों से दस्तावेज सत्यापित कराने के नाम पर 800 से 1000 रुपए लेता था। पुलिस के अनुसार अब तक वह 100 से अधिक लोगों के दस्तावेजों पर फर्जी सत्यापन कर चुका था। जिन लोगों ने पैसे देने में आनाकानी की, उन्हें खुद दस्तावेज सत्यापित कराने के लिए कह देता था। लोगों को कार्यालयों की भागदौड़ से बचाने के नाम पर वह रकम वसूलता था।

असली-नकली मुहर के फर्क ने खोला पूरा खेल :फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब सौरभ से दस्तावेज तैयार करवाने वाले कुछ लोग उन्हें लेकर विधायक के डबुआ कॉलोनी स्थित कार्यालय पहुंचे। दस्तावेज देखते समय कार्यालय प्रभारी सत्यप्रकाश को मुहर पर शक हुआ। विधायक से पुष्टि की गई तो पता चला कि इन दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं थे। इसके बाद विधायक कार्यालय में तैनात प्रकाश पटेल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

विधायक बोले- फर्जीवाड़े की कोई जानकारी नहीं थी: एनआईटी विधायक सतीश फागना के मुताबिक उनको इस फर्जीवाड़े की कोई जानकारी नहीं थी। जब उनके कर्मचारियों ने कागजों पर लगी मुहर के बारे में बताया तो पता चला कि उन्होंने ये कागज साइन ही नही किए है। उन्होंने पुलिस से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

सीएससी केंद्र हो चुका बंद, आधार अपडेट का कर रहा था काम

पुलिस के अनुसार आरोपी सौरभ करीब पांच साल से पर्वतीय कॉलोनी में सीएससी केंद्र चला रहा था। इसी साल किसी कारण से केंद्र बंद हो गया। इसके बाद उसने आसपास के लोगों के आधार कार्ड बनवाने और उनमें संशोधन कराने का काम शुरू किया। आधार अपडेट के लिए कई दस्तावेजों के सत्यापन की जरूरत पड़ती थी। यहीं से उसने फर्जीवाड़े का रास्ता निकाला।

रिमांड में खुलेगा कितने लोगों को बनाया निशाना

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस अब आरोपी से फर्जी लेटरपैड, मुहर और हस्ताक्षर तैयार कराने में इस्तेमाल सामान के अलावा कंप्यूटर और अन्य उपकरण बरामद करने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सौरभ ने अकेले यह नेटवर्क खड़ा किया था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। इसलिए आरोपी सौरभ को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पहले भी विधायक के नाम पर सामने आ चुका है ऐसा खेल

फरीदाबाद में विधायक के नाम और लेटरपैड के इस्तेमाल से आधार फर्जीवाड़े का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2019 में तत्कालीन तिगांव विधायक ललित नागर के नाम के फर्जी लेटरहेड और मुहर का इस्तेमाल कर दूसरे राज्यों से आए लोगों के आधार कार्ड बनवाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ था। उस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था।