- इमरजेंसी-ICU बंद करने की चेतावनी
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : फरीदाबाद के NIT-3 स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की नाराजगी अब हड़ताल तक पहुंच गई है। मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बनने और इलाज की सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों सहित करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उन्हें सभी मेडिकल लाभ देने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी।
ओपीडी, आईपीडी के साथ इमरजेंसी और आईसीयू में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओपीडी में मरीज घंटों उपचार के इंतजार में खड़े रहे। वहीं, आईपीडी में मरीजों को भर्ती कराने में भी दिक्कत हुई। इमरजेंसी और आईसीयू में भी मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। हड़ताल में पीजी, सीनियर रेजिडेंट, यूजी और इंटर्न डॉक्टर शामिल रहे।
डॉक्टर की तबीयत, निजी अस्पताल में ऑपरेशन
मामले की शुरुआत 19 सितंबर को हुई। ESIC अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर विवेक जांगड़ा की OT में अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी डॉक्टरों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में मेडिकल सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हुई, क्योंकि उनका मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बना था। डॉक्टरों का आरोप है कि उस समय उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हो सके।
बोले- जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रहीं
डॉक्टरों का कहना है कि जब अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर को ही जरूरत के समय उपचार और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं तो व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है। इसी मुद्दे को लेकर डॉक्टरों ने प्रबंधन के सामने अपनी मांगें रखीं।
डॉक्टर की हालत बिगड़ती गई तो परिवार के लोग उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए। वहां उनका ऑपरेशन कराया गया। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में मेडिकल बेनिफिट को लेकर नाराजगी और बढ़ गई।
डॉक्टरों का कहना- पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा
आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर कविन्द्र सिंह रोहिल्ला ने बताया कि अस्पताल में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। उनका आरोप है कि रेजिडेंट डॉक्टरों के पूर्ण मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बनाए गए हैं। इसके कारण जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज की सुविधाएं लेने में परेशानी होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि इस मुद्दे को पहले भी अस्पताल प्रबंधन के सामने उठाया जा चुका है। मांग पूरी नहीं होने पर अब डॉक्टरों ने हड़ताल का फैसला लिया है। उनका कहना है कि अगर जल्द लिखित आश्वासन नहीं मिला तो वे दिल्ली की ओर कूच कर सकते हैं।
अस्पताल में रोज आते हैं करीब 4,500 मरीज
ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल फरीदाबाद का बड़ा रेफरल सेंटर है। यहां रोजाना करीब 4,500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। फरीदाबाद और पलवल के अलावा दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, होडल, पानीपत, सोनीपत और रेवाड़ी समेत आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में OPD मरीजों के अलावा गंभीर मरीज भी पहुंचते हैं। ऐसे में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड रहा है।
प्रबंधन ने फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी
ESIC के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें अस्पताल की तरफ से सभी मेडिकल बेनिफिट उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि फिलहाल रेजिडेंट डॉक्टर केवल इमरजेंसी सेवाएं दे सकते हैं।
डॉ. संदीप कुमार के मुताबिक, इस मामले की फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। वहां से जो फैसला आएगा, उसी के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टरों को मेडिकल बेनिफिट देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ एक डॉक्टर के इलाज का मामला नहीं है, बल्कि अस्पताल में काम कर रहे करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टरों के मेडिकल अधिकारों का मामला है। हड़ताली डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो इमरजेंसी और आईसीयू की सेवाएं भी पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।
फिलहाल डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। इससे अस्पताल प्रबंधन के सामने मरीजों को नियमित और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है।