- 2 महीने वेंटिलेटर पर रहा, ताऊ के परिवार ने हमला किया था
- महिलाएं सड़क पर बैठीं
हरियाणा ब्रेेेकिंग न्यूज : पानीपत में 16 वर्षीय छात्र की मौत के बाद परिवार ने हंगामा करते हुए शव जीटी रोड पर रख दिया। महिलाएं रोड पर ही छात्र के शव के पास बैठकर सभी आरोपियों की गिरफ्तार के लिए धरना प्रदर्शन कर रही हैं। मौके पर पुलिस की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। महिला पुलिसबल भी बड़ी संख्या में मौजूद है। मृतक की पहचान बड़ौली गांव के शेखर (16) के रूप में हुई। शेखर पर 22 अप्रैल को उसके ताऊ के परिवार ने हमला कर दिया था। मंगलवार रात शेखर ने इलाज के दौरान रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया। अब परिवार सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा कर रहा है।
पूरा घटनाक्रम…
पानीपत के बड़ौली गांव के रहने वाले रामेश्वर का ऑटो घर के बाहर गली में खड़ा रहता था। रामेश्वर का बड़ा भाई कृष्ण लाल अक्सर इस ऑटो को गली से हटाने के लिए कहता था। 22 अप्रैल को दोनों के बीच इसे लेकर बहस भी हुई।
रामेश्वर का कहना है कि इसके बाद मैं और बेटा शेखर (16) गली से होकर घर आ रहे थे। इसी दौरान कृष्ण लाल और उसके परिवार के अजय, विजय, बिमला और लोकेशा ने उनका रास्ता रोक लिया। कृष्ण यहां हमारे साथ गाली-गलौज करने लगा।
रामेश्वर के अनुसार, आरोपियों ने शेखर के सिर में इंटरलॉक ईंट मार दीं। ईंट लगते ही वो रास्ते पर गिर गया। इसके बाद शेखर गंभीर रूप से घायल हो गया। कृष्ण ने मेरे सिर में कई लाठियां मारीं। ऑटो का फ्रेंट शीशा भी तोड़ दिया।
परिजनों ने गंभीर हालत में शेखर को पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। पीजीआई में ही करीब 2 महीने से शेखर का इलाज चल रहा था। 23 जून की रात शेखर ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
दो बहनों के इकलौते भाई की मौत से पसरा मातम
घटना के तुरंत बाद शेखर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया था। सिर में गंभीर चोट होने के कारण शेखर पिछले 2 महीने से वेंटिलेटर के सहारे ही सांसें ले पा रहा था।
डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और 23 जून की शाम को उसकी मौत हो गई। शेखर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और दो बहनों का अकेला भाई था।