June 24, 2026
24 june 18
  • जबरदस्ती की तो सड़क पर बैठेंगे

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : कैथल में खुराना रोड पर बने कचरा डंपिंग यार्ड पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रशासन का अमला भारी पुलिसबल के साथ वहां ताला लगाकर धरने पर बैठे ग्रामीणों का उठाने के लिए पहुंच गया। एसडीएम, दो डीएसपी, एसएचओ, नगर परिषद के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और डंपिंग यार्ड का ताला खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। काफी देर तक चली बातचीत के बाद जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो अधिकारी एक घंटे का समय देकर वापस लौट गए।

बोले-अधिकारी डंपिंग यार्ड के पास मकान बनाएं, मुफ्त में जमीन देंगे

ग्रामीणों दिलबाग मलिक, गुरदयाल सिंह नरेश, ईश्वर सिंह, शमशेर, गुरदीप सिंह, अंग्रेज सिंह व सुरेंद्र ने ये तक कह दिया कि अगर कोई अधिकारी डंपिंग यार्ड के पास अपना घर बनाना चाहता है तो वे चार सौ गज जमीन मुफ्त में दे देंगे। तभी अधिकारी को पता लगेगा कि यहां लोगों का जीवन कितना मुश्किल है।

ग्रामीणों ने कहा-बच्चों के रिश्ते आने बंद हुए

उन्होंने कहा कि डंपिंग यार्ड के कारण उनके बच्चों के रिश्ते आने तक बंद हो गए हैं। लोग कहते हैं कि अपनी बेटियों को मक्खियों से कौन कटवाएगा। अगर प्रशासन उन्हें हटाने का प्रयास करेगा तो वे नहीं हटेंगे। जेल में जाने को तैयार हैं। गोली से मरना पसंद हैं, लेकिन बीमारियों से नहीं मरना चाहते।

ग्रामीणों ने कहा कि डंपिंग यार्ड बंद न होने तक वे यहां से नहीं हटेंगे। अगर प्रशासन जोर जबरदस्ती करेगा तो धरने से उठकर सड़क पर बैठ जाएंगे। प्रशासन उनके ऊपर से कचरे की गाड़ियां निकालकर ले जा सकता है, लेकिन वे हटेंगे नहीं।

एक सप्ताह से जड़ रखा ताला

बता दें कि डंपिंग यार्ड के आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों ने सप्ताह से ताला जड़ रखा है और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीण इस डंपिंग यार्ड को पूरी तरह से बंद करने और कचरा उठान करवाने की मांग कर रहे हैं। न तो ग्रामीण ताला खोल रहे हैं और न ही अधिकारी डंपिंग यार्ड को बंद करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में अब कैथल शहर का कचरा करनाल के डंपिंग यार्ड में भेजा जा रहा है। जिस पर कर्मचारियों को पहले तो शहर से गीला और सूखा कचरा उठाना पड़ता है और बाद में उसे करनाल ले जाना पड़ता है, जिससे शहर में भी सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।

रोजाना घरों से निकलता है करीब 85 टन कचरा

शहर में रोजाना करीब 85 टन कचरा घरों से निकलता है। डंपिंग यार्ड पर तालाबंदी से पहले कर्मचारी सुबह ही कचरे का उठान कर उसको यार्ड में पहुंचा देते थे, लेकिन अब गांवों के लोगों ने कचरा वाहनों की एंट्री बंद कर दी है। धरनारत लोगों ने कहा कि इस डंपिंग यार्ड के कारण आसपास के गांवों सहित किसानों को परेशानी हो रही है। कचरे से गंदे पॉलिथीन उड़कर उनके खेतों व घरों में जाते हैं। जिससे हर समय क्षेत्र में बदबू फैली रहती है। यार्ड के साथ ही नहरी पानी की सप्लाई की छोटी माइनर है, जिसमें हर समय गंदगी भरी रहती है। यहां पर कैथल के साथ साथ चीका और सीवन से लाकर कचरा डाल दिया जाता है।

डंपिंग यार्ड हटाने की मांग

डंपिंग यार्ड के कारण कुलतारण, खुराना, कालू वाली गामड़ी, डेरा गदला और डोहर सहित कई गांवों के लोग परेशान हैं। डंपिंग यार्ड के साथ ही गांवों में नहरी पानी की सप्लाई आती है। ऐसे में गांवों के लोगों तक दूषित पानी पहुंच रहा है। ऐसे में ग्रामीण उस पानी को कैसे पीएंगे और प्रयोग करेंगे। उन्होंने इस संबंध में पहले भी प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन दिया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया गया। उन्होंने जल्द से जल्द डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग की है।

इस संबंध में कैथल एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि प्रशासन धरना हटवाने के लिए डंपिंग यार्ड पर गया था। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। अब प्रशासन की ओर से कोई और रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है।