- वर्किंग कपल को भी फायदा, 15 से 14 एजेंडे पास
हरियाणा ब्रेेकिंग न्यूज : हरियाणा कैबिनेट मीटिंग सोमवार को करीब 2 घंटे तक चली। CM नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में करीब 15 एजेंडे रखे गए, जिनमें 14 की मंजूरी मिली है। सीएम ने बताया कि पहला एजेंडा मॉडल आनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और टीचर्स आनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की मंजूरी दी गई है। ये मंजूरी हाईकोर्ट और समय समय पर आने वाली टिप्पणियों के आधार पर बनाई गई है। नई नीतियों के तहत ट्रांसफर के लिए कर्मचारियों की रैंकिंग एक नए 120 पॉइंट वाले कंपोजिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क से तय की जाएगी। नई नीति में आयु को 25 प्रतिशत, कैडर में अनुभव को 25 प्रतिशत और अन्य फैक्टर को 50 प्रतिशत वेटेज दिया गया है। पति-पत्नी मामलों में मेरिट अंक 5 से बढ़कर 10 करने के प्रस्ताव को स्वीकृति भी प्रदान की गई है। मंत्रिमंडल ने मानव संसाधन विभाग को MOTP 2026 के तहत पहले ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए जरूरी निर्देश जारी करने की भी मंजूरी दी है। यह निर्देश खास तौर पर नेशनल कैटिगरी और उन कैडर के लिए होंगे] जहां करंट ड्यूटी चार्ज की व्यवस्था लागू है। इसके अलावा दयालु योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बस और ट्रक की खरीद पर पात्र लाभार्थियों को मोटर वाहन कर में 100% छूट दी जाएगी। साथ ही मेरी विकसित विधानसभा थीम कार्यक्रम शुरु किया गया है, जिसमें अगले दो माह सभी विधायक अपने क्षेत्र की जनता से संवाद करेंगे। पता करेंगे कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।
दिव्यांग और सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों को राहत
70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षक संरक्षित श्रेणी में शामिल किए जाएंगे। पहले जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में 12 महीने शेष रहते थे, उन्हें छूट मिलती थी। अब यह अवधि बढ़ाकर 18 महीने करने की तैयारी है। यानी सेवानिवृत्ति के अंतिम डेढ़ वर्ष में तबादले का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा।
सिंगल पेरेंट का खास लाभ मिलेगाः जो शिक्षक अकेले अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, यानी सिंगल पेरेंट हैं, उन्हें 10 अतिरिक्त अंक मिलेंगे। हालांकि मेल टीचर को नाबालिग बच्चे या अविवाहित बेटियों के आधार पर कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलेगा।
विशेष श्रेणी को सबसे ज्यादा वेटेज
लेडी टीचर, विधवा, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही महिलाएं, सिंगल पेरेंट, गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, दिव्यांग बच्चों के अभिभावक, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के जीवनसाथी इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं। इनमें अधिकांश श्रेणियों को 10-10 अंक देने का प्रस्ताव है। विशेष रूप से सिंगल पेरेंट शिक्षकों को अतिरिक्त राहत देने की व्यवस्था की गई है।
ऐसे बंटेंगे 120 अंकः कुल 120 अंकों में से अधिकतम 25 प्रतिशत अंक आयु, 25 प्रतिशत अंक कैडर अनुभव और 50 अंक विशेष परिस्थितियों के लिए निर्धारित किए हैं। यानी आधी रैंकिंग विशेष श्रेणी पर आधारित होगी, जबकि शेष अंक उम्र व अनुभव से मिलेंगे। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अधिक संतुलित अवसर मिल सकेंगे।
दयालु योजना में संशोधन को भी मंजूरी
सीएम सैनी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने दयालु 1 योजना में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी। इसमें क्लेम प्रस्तुत करने की समय सीमा 3 महीने से बढ़ा कर अब 6 महीने कर दी गई है। आज तक दायर क्लेम के लिए पूर्व व्यापी छूट की अवधि को भी 3 महीने से बढ़ा कर मृत्यु अथवा दिव्यांगता की तिथि से 6 महीने तक किया जाएगा।6 महीने से अधिक और 7 महीने तक की देरी के लिए हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अधिकृत किया गया है। 7 महीने से अधिक और 9 महीने तक की देरी के लिए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निर्णय लेंगे। 9 महीने से अधिक और 12 महीने तक की देरी के लिए मामला वित्त मंत्री के पास आएगा।
नई ईवी बस और ट्रक की खरीद पर टैक्स में छूट
सीएम नायब सैनी ने बताया कि एनसीआर जिलों में BS -4 या उससे पुराने मानकों वाले पुराने ट्रकों और बसों को बदलने पर मोटर वाहन कर में छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। नया सफर योजना के तहत नए BS-6 या उससे कड़े मानकों वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल, सीएनजी ट्रकों व बसों की खरीद पर पात्र लाभार्थियों को 100% मोटर वाहन कर में छूट दी जाएगी। इन्ही मानकों वाले पुराने या इस्तेमाल किए हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल, सीएनजी ट्रकों व बसों की खरीद पर भी पात्र लाभार्थियों को 50% मोटर वाहन कर में छूट दी जाएगी। दोनों ही मामलों में मोटर वाहन कर में यह छूट 10 साल की अवधि के लिए मान्य होगी। योजना के तहत खरीदे गए नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ की जाएगी।
नर्सरियों से बेचे जाने वाली पौध पर क्यूआर कोड लगेगा
सीएम सैनी ने बताया कि हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नर्सरियों के लिए न्यूनतम गुणवत्ता मानक निर्धारित किए गए है। रिकॉर्ड प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है। अब नर्सरियों द्वारा बेची जाने वाली पौध सामग्री पर कोड आधारित ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी।
स्लाटर हाउस और मीट के लिए एक ही लाइसेंस बनेगा: सीएम ने बताया कि मंत्रिमंडल ने हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश 2026 और हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी गई है। अब स्लॉटर हाउस और मीट की दुकानों को नगर पालिका/ नगर निगम से अलग व्यापार लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस फैसले से दोहरी लाइसेंस की व्यवस्था समाप्त होगी।
आयोग में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाएगी
सीएम नायब सैनी ने बताया कि हरियाणा राज्य महिला आयोग अध्यादेश में संसोधन को मंजूरी दी गई है। आयोग में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत गैर सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है।
जल प्रदूषण के नियम और प्रभावी किए जाएंगे
सीएम नायब सैनी ने बताया कि जल प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण संशोधन अधिनियम 2024 को अपनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे हरियाणा में जल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कानून को अधिक प्रभावी आधुनिक और व्यवहारी बनाया जाएगा। इस संशोधन इज ऑफ डूइंग बिजनेस इज आफ लिविंग और भरोसे पर आधारित सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डेवलपमेंट चार्ज जमा कराना होगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने डेवलपमेंट चार्ज से संबंधित प्रावधानों को भी मंजूरी दी है। जिन संपत्ति मालिकों ने 1996 की अधिसूचना तिथि तक भवन बना लिए थे, लेकिन डेवलपमेंट कर जमा नहीं किया था, उन्हें उस समय लागू दरों के अनुसार शुल्क जमा करना होगा। जिन संपत्ति मालिकों ने पहले ही डेवलपमेंट चार्ज का भुगतान कर दिया, उन्हें पोर्टल पर शुल्क में छूट प्राप्त करने के लिए भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। अब शामलात भूमि की स्वीकृति डीसी दे सकेंगे सीएम नायब सैनी ने बताया कि कैबिनेट बैठक में शामलात भूमि 2026 निति को मंजूरी दी है। इसके तहत आवेदकों को समय पर राहत देने के लिए मामलों की स्वीकृति देने का अधिकार संबंधित जिला उपायुक्त को दिया गया है। इससे पहले ये अधिकार डायरेक्टर को होता था।
जगाधरी-यमुनानगर में नियमितीकरण के लिए कमेटी बनेंगी
सीएम सैनी ने बताया कि यमुनानगर और जगाधरी के मामलों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसमें 1996 में भवनों का नियमितीकरण किया गया था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को यमुनानगर निगम में एक विशेष समिति गठित करने की मंजूरी दी गई है। समिति की अध्यक्षता नगर निगम आयुक्त करेंगे। समिति उन कॉलोनी की पहचान करेगी, जहां 26 सितंबर 2013 से पहले भवनों का नियमितीकरण किया गया था।