- CA पिता चिल्लाते रहे- ‘बेटियों को बचा लो., पत्नी मॉडल थीं, ‘मिसेज इंडिया’ विनर रह चुकीं
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग में गुरुग्राम का अग्रवाल परिवार जिंदा जल गया। परिवार के पांचों सदस्यों की मौत ने पड़ोसियों से लेकर रिश्तेदारों तक को बड़ा झटका दिया है। हादसे में सीए विवेक से लेकर उसकी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, बेटी जिविशा और वारिया की जान चली गई। सभी बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को अस्पताल में देखने दिल्ली पहुंचे थे।
जान गंवाने वाले सीए विवेक अग्रवाल इंश्योरेंस देखो कंपनी में फाइनेंशियल हेड थे। वहीं, पत्नी तर्जनी अग्रवाल पेशेवर रूप से इवेंट मैनेजमेंट का काम संभालती थीं। साथ ही वंचित बच्चों के लिए एक एनजीओ भी चलाती थीं।
तर्जनी ने अपनी खूबसूरती के दम पर साल 2023 में ‘मिसेज इंडिया’ का नामी खिताब अपने नाम किया था। उनके करीबियों के मुताबिक तर्जनी जितनी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में अनुशासित थीं, उतनी ही अपने परिवार से अटैच थीं।
तर्जनी मॉडलिंग भी करती थीं। वहीं, अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल को अब तक इस बात की भनक भी नहीं है कि उनकी लंबी उम्र की दुआएं मांगने वाले उनके जिगर के टुकड़े अब इस दुनिया में नहीं रहे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवेक के पिता दिल्ली मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हीं का हाल जानने सीए अपनी मां, पत्नी व दो बेटियों संग दिल्ली आए थे। उनके मौसा-मौसी व मामा राजस्थान से आए थे। ये लोग होटल में ठहरे थे। सुबह ब्रेकफास्ट के वक्त होटल में आग लगी और सभी जिंदा जल गए।
अग्रवाल परिवार के बारे में जानिए…
पोतियां का दादा से बेहद लगाव था, एक बेंगलुरु से मिलने आई
विवेक ने अपने बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया था। बेंगलुरु में बीटेक कर रही उसकी बड़ी बेटी जीविशा को दादा के बीमार होने का पता चला तो वो फ्लाइट पकड़कर सीधे दिल्ली आ गई।
मंगलवार को पूरा परिवार अस्पताल के पास ही स्थित मालवीय नगर के एक होटल में रुके थे। पोतियां जीविशा और वारिया दादा को देखकर आई थीं। इन्हें परिवार में प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाते थे। दोनों पोतियों समेत पूरा परिवार बुजुर्ग राधेश्याम के जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहा था, लेकिन होटल में अचानक लगी आग ने मिसेज इंडिया तर्जनी अग्रवाल समेत परिवार के पांच लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
सूनी पड़ी कोठी, पड़ोसियों की आंखें नम
हादसे के बाद से गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित विवेक अग्रवाल के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है और मुख्य गेट बंद हैं। पड़ोसियों का कहना है कि विवेक बेहद शालीन, हंसमुख और मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाले इंसान थे। पूरा सेक्टर इस बात से सदमे में है कि जो हंसता-खेलता परिवार दो दिन पहले अपनी गाड़ी से दिल्ली गया था, उसका एक सदस्य भी जिंदा नहीं बचा।
‘बेटियों को बचा लो…’, आखिरी कॉल और फिर पसरा सन्नाटा
आग की लपटों और धुएं के गुबार के बीच जब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो कमरे के भीतर से विवेक अग्रवाल ने बदहवास हालत में अपने मामा के बेटे को फोन मिलाया। उन्होंने रोते हुए कहा, “हम चारों तरफ से भीषण आग में फंस गए हैं, दम घुट रहा है… बस हमारी बेटियों को कैसे भी करके बचा लो!”
जब तक उसका भाई दिल्ली के कोटला से आया, तब तक पूरा परिवार आग की चपेट में आ चुका था। यह विवेक की जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई।
आज होगा अंतिम संस्कार
दिल्ली में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके पैतृक निवास सेक्टर-46 लाया जाएगा। चूंकि परिवार के लगभग सभी मुख्य सदस्यों की इस हादसे में मृत्यु हो चुकी है, इसलिए गुरुग्राम में मौजूद उनके अन्य रिश्तेदार और पड़ोसी अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हैं। शवों के गुरुग्राम पहुंचने के तुरंत बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बेटी का फोन आया-होटल में आग लगी है
ससुर प्रेम बंसल ने बताया-मेरी बेटी तर्जनी की शादी गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल से हुई है। दो दिन पहले विवेक के पित राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह बेटी का फोन आया, जिसने घबराकर बताया-हम जिस होटल में ठहरे थे उसमें आग लग गई है।
होटल पहुंचे तो चारों तरफ आग ही आग थी
प्रेम बंसल ने बताया-जब मैं होटल पहुंचा तो यहां चारों तरफ आग की लपटें थीं। हम बदहवास हो गए। थोड़ी देर में क्लियर हो गया कि मेरी बेटी-दामाद के परिवार में कोई जिंदा नहीं बचा। विवेक-तर्जनी की दोनों बेटियां एंजल व पर्ल, विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल, मामा अशोक पंसारी, मौसा जवरी लाल व मौसी कमला सब हादसे का शिकार हो गए। मामाजी किशनगंज से आए थे जबकि मौसा-मौसी अजमेर से आए थे।
मामा मार्बल कारोबारी और मौसा रिटायर्ड बैंक अधिकारी
अजमेर के गुलाब बाड़ी निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी मौसा जवरी लाल अग्रवाल (70) और मौसी कमला अग्रवाल (68) के साथ मंगलवार शाम 7 बजे अजमेर से किशनगढ़ गए। फिर किशनगढ़ से दिल्ली गए थे। किशनगढ़ की लक्ष्मीनारायण कॉलोनी निवासी मार्बल व्यापारी और विवेक के मामा अशोक पंसारी भी उनके साथ थे।
जवरी लाल के पड़ोसी और दोस्त राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कमला अग्रवाल का 1 जून को जन्मदिन था। जवरी लाल ने इसे सभी के साथ मनाया था।