- सभी विभागों को आदेश जारी
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार ने राज्य में सरकारी खरीद और विकास कार्यों की टेंडरिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब राज्य का कोई भी विभाग, बोर्ड, कॉरपोरेशन या यूनिवर्सिटी बिना मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति के ‘क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन’ (QCBS) पद्धति के तहत टेंडर जारी नहीं कर सकेगी।
उच्च शिक्षा विभाग के महानिदेशक (डीजीएचई) एस. नारायणन ने इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों की प्रति राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों, एनसीसी यूनिटों के कमांडिंग अफसरों और जिला व उप-मंडल पुस्तकालयों को भेजकर इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
अब जानिए, क्या है नया नियम…
- सिर्फ विशेष कार्यों में मिलेगी छूट: वित्तीय निर्देशों के अनुसार, QCBS (क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन) पद्धति का उपयोग केवल अत्यंत विशेष, उच्च तकनीकी या जटिल परामर्श कार्यों (Specialized Assignments) के लिए ही असाधारण परिस्थितियों में किया जाएगा।
- CM की पूर्व मंजूरी अनिवार्य: यदि कोई विभाग या एजेंसी इस पद्धति से टेंडर जारी करना चाहती है, तो उसे टेंडर नोटिस (NIT) जारी करने से पहले अपने प्रशासनिक विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री का पूर्व अनुमोदन (Prior Approval) लेना अनिवार्य होगा।
- लापरवाही पर लगेगी रोक: बिना मुख्यमंत्री की लिखित मंजूरी के कोई भी विभाग या क्रियान्वयन एजेंसी QCBS प्रक्रिया लागू नहीं कर सकेगी। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी यह आदेश राज्य सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, वैधानिक निकायों, प्राधिकरणों, विश्वविद्यालयों, सरकारी अनुदान पाने वाली सोसायटियों और सरकारी फंड से काम करने वाली सभी एजेंसियों पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।