- नमी से आढ़ती-किसान दोनों परेशान, सुखाने की जगह नहीं
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : पानीपत की अनाज मंडी में धान की आवक लगातार जोर पकड़ रही थी कि अचानक हुई बिन मौसम बरसात ने मंडी व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। खुले आसमान के नीचे पड़ा लाखों क्विंटल धान बारिश में पूरी तरह भीग गया है। इस बेमौसम बरसात ने मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों से लेकर आढ़तियों तक की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
खरीद और लिफ्टिंग रुकी
मंडी में इस समय चारों तरफ धान के ढेर लगे हुए हैं। बारिश होने की वजह से सबसे बड़ी समस्या अब नमी से भरे और भीगे हुए धान को सुखाने की बन गई है।
सूखने में लगेगा समय
भीगे हुए धान में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है। जब तक फसल पूरी तरह सूखकर मानकों के अनुसार नहीं हो जाती, तब तक सरकारी खरीद और एजेंसियों द्वारा लिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी तरह ठप रहने की आशंका है।
जगह की भारी कमी
मंडी पहले से ही आवक अधिक होने के कारण खचाखच भरी हुई है। अब बारिश के बाद धान के ढेरों को फैलाने और सुखाने के लिए अतिरिक्त जगह और समय की सख्त जरूरत पड़ रही है, जिससे आढ़ती बेहद परेशान हैं।
खेतों में खड़ी फसल पर भी मंडराया खतरा
मौसम के अचानक करवट बदलने से किसानों की नींद उड़ गई है। मंडियों में पड़े धान के अलावा अभी बड़ी मात्रा में किसानों की फसल खेतों में पकी खड़ी है या कटाई के कगार पर है।
किसानों को डर सता रहा है कि यदि आने वाले दिनों में फिर से बारिश हुई, तो खेतों में खड़ी फसल गिर जाएगी और उसमें जलभराव होने से दाना काला पड़ सकता है। जिससे खेतों से लेकर मंडी तक नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा।
अब मौसम साफ होने की टकटकी
मंडी में धान की आवक तेज है, लेकिन मौसम की बेरुखी ने पूरा गणित बिगाड़ कर रख दिया है। फिलहाल किसान और व्यापारी दोनों आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज ही तय करेगा कि मंडी में खरीद और लिफ्टिंग की प्रक्रिया कब तक पटरी पर लौट पाती है।