- एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले हरियाणवी शूटर्स की कहानी
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में हरियाणा के शूटर्स ने कमाल कर दिया। रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि ने जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दूसरा गोल्ड डाल दिया।
यह भारतीय जोड़ी कुल 484.6 अंक हासिल किए। सिल्वर मेडल जीतने वाली साउथ कोरिया को 478.0 अंक मिले, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीता। खास बात यह है कि इन दोनों खिलाड़ियों की पहली पसंद शूटिंग नहीं थी। सुरुचि को परिवार कबड्डी खिलाड़ी बनाना चाहता था, वहीं कमलजीत पहले एथलीट थे, लेकिन इंजरी के बाद इसे छोड़ना पड़ा। इसके बाद शूटिंग में करियर बनाया।
इस उपलब्धि पर दोनों के परिवारों में खुशी का माहौल है। सीएम नायब सैनी ने भी दोनों बधाई देते हुए कहा कि आप दोनों की उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है।
सुरुचि ने 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की, ट्रेन से जाती थी एकेडमी
सुरुचि इंदर सिंह फोगाट झज्जर जिले के सासरोली गांव की रहने वाली हैं। उनकी अंतरराष्ट्रीय शूटिंग यात्रा 13 साल की उम्र में शुरू हुई थी। वह अपने पिता और भाइयों के साथ सासरोली से भिवानी की शूटिंग अकादमी तक ट्रेन से जाती थीं। अब 20 साल की उम्र में वह जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड और कई ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड जीत चुकी हैं।
सुरुचि के एशियन गेम्स में गोल्ड जीतते ही सासरोली गांव और उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्वर्णिम उपलब्धियों पर गांव में जश्न मनाया जा चुका है। उन्हें परिवार पहले कबड्डी खिलाड़ी बनाना चाहता था।
इंजरी के बाद एथलेटिक्स छोड़ना पड़ा, तो कमलजीत ने शूटिंग में करियर बनाया
कमलजीत हरियाणा के रेवाड़ी के सुलखा गांव के हैं। कमलजीत एथलेटिक्स में हिस्सा लेते थे। लेकिन, वे 2019 में चोट के कारण उन्हें एथलेटिक्स छोड़ना पड़ा। ऐसे में उन्होंने शूटिंग में करियर बनाया।
स्ट्रगल के दौरान कमलजीत के मन में कई बार शूटिंग छोड़ने का विचार आया, लेकिन माता-पिता ने लगातार उनका साथ दिया। 2-3 साल की मेहनत के बाद उन्होंने खुद को एक अच्छे शूटर के रूप में स्थापित किया।
सुरुचि की स्वर्णिम उपलब्धि से झज्जर गौरवान्वित: जिला खेल अधिकारी
जिला खेल अधिकारी शतेंद्र कुमार ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर सुरुचि इंदर सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि झज्जर जैसे जिले के एक सामान्य परिवार की बेटी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतना पूरे जिले के लिए खुशी और गर्व की बात है। सुरुचि की इस उपलब्धि से जिले के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा और वे खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।