वैश्य टेक्निकल इंस्टीट्यूट में गीता सत्संग का आयोजन, स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने युवाओं को दिया प्रेरक संदेश
- युवाओं की जिज्ञासाओं और जीवन से जुड़े विषयों पर हुई खुलकर चर्चा, गीता के ज्ञान को जीवन में उतारने का किया आह्वान
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : वैश्य टेक्निकल इंस्टीट्यूट, रोहतक में आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी वातावरण के बीच गीता सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध संत हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने संस्थान के विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें जीवन में सकारात्मक सोच, सही दिशा और अच्छे संस्कारों के महत्व से अवगत कराया।
सत्संग के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, करियर, जीवन की चुनौतियों और भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं और सवाल स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सामने रखे। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों को गंभीरता से सुना और सरल एवं प्रेरणादायी तरीके से उनका मार्गदर्शन किया।
सवालों से जन्म लेते हैं नए विचार
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि युवा जब सवाल करते हैं, तभी नए विचारों का जन्म होता है। जिज्ञासा युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, जबकि सही मार्गदर्शन उनके भविष्य को नई दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में किसी भी परिस्थिति में सीखने और सत्य को समझने की जिज्ञासा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में उन्हें केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने जीवन में अच्छे विचारों, अनुशासन और संस्कारों को भी स्थान देना चाहिए।
गीता के दिव्य ज्ञान से सराबोर हुआ वातावरण
कार्यक्रम के दौरान वैश्य टेक्निकल इंस्टीट्यूट का वातावरण गीता के दिव्य ज्ञान, भक्ति और सत्संग की पावन ऊर्जा से भर गया। सत्संग में विद्यार्थियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। भक्ति और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत माहौल में श्रीकृष्ण के संदेशों का स्मरण किया गया।
श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह एवं आनंद नजर आया। सत्संग के दौरान गीता के संदेशों के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने तथा कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की प्रेरणा दी गई।
गीता केवल सुनने का ज्ञान नहीं, जीवन में उतारने का मार्ग
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता केवल सुनने या पढ़ने का ज्ञान नहीं है, बल्कि इसे अपने जीवन में उतारना ही इसका वास्तविक उद्देश्य है। गीता मनुष्य को कर्म, कर्तव्य, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे गीता के सिद्धांतों को अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में अपनाएं। सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें।
विद्यार्थियों के लिए बना यादगार सत्र
गीता सत्संग के दौरान स्वामी ज्ञानानंद महाराज और विद्यार्थियों के बीच हुआ संवाद कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। युवाओं को अपनी जिज्ञासाएं खुलकर रखने का अवसर मिला और उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान के साथ जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का समापन श्रद्धा, आनंद और श्रीकृष्ण के संदेश के साथ हुआ। सत्संग ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सही ज्ञान, सकारात्मक सोच और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से जीवन को बेहतर दिशा दी जा सकती है।