September 12, 2026
12 sep 12
  • PGI रोहतक में भावी चिकित्सकों से गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज का आत्मीय संवाद, युवा डॉक्टरों ने साझा किए विचार और जिज्ञासाएं

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआईएमएस (PGI) रोहतक में भावी चिकित्सकों के साथ गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवा डॉक्टरों को चिकित्सा क्षेत्र के साथ मानवीय मूल्यों को जोड़ते हुए मरीजों के प्रति संवेदना, करुणा और सेवा भाव बनाए रखने का संदेश दिया।

युवा डॉक्टरों को संबोधित करते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के पास ज्ञान और कौशल के साथ-साथ मरीजों के दुख-दर्द को समझने की संवेदनशीलता भी होनी चाहिए। मरीज के लिए डॉक्टर का व्यवहार और उसकी करुणा कई बार दवा जितना ही महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है।

उन्होंने भावी चिकित्सकों को प्रेरित करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में आने वाले युवाओं का दायित्व केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में भरोसा और आशा पैदा करना भी है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से अपने ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता की सेवा के लिए करने का आह्वान किया।

युवा डॉक्टरों ने रखे विचार और जिज्ञासाएं

संवाद के दौरान पीजीआईएमएस रोहतक के युवा डॉक्टरों ने भी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सामने अपने विचार, प्रश्न और जिज्ञासाएं रखीं। डॉक्टरों ने चिकित्सा सेवा, जीवन मूल्यों और समाज के प्रति अपने दायित्व से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया। युवा चिकित्सकों के विचारों, उनकी जिज्ञासाओं और सेवा के संकल्प ने पूरे कार्यक्रम को बेहद प्रेरणादायी बना दिया। संवाद के दौरान आध्यात्मिक चिंतन और चिकित्सा सेवा के बीच मानवीय मूल्यों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम ने भावी चिकित्सकों को यह संदेश दिया कि एक सफल डॉक्टर बनने के साथ-साथ संवेदनशील और करुणाशील इंसान बनना भी उतना ही आवश्यक है।