August 17, 2026
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  • पार्षदों ने लॉबिंग की शुरू, जिलाध्यक्ष बोले- पैनल भेजा हुआ

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : सिरसा नगर परिषद के वाइस चेयरमैन चुनाव स्थगित होने के बाद 6 माह बाद एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस 15 अगस्त के बाद वाइस चेयरमैन का चुनाव करवाए जाने की ज्यादा उम्मीदें हो गई है। ऐसे में पार्षद भी वाइस चेयरमैन बनने को नेताओं की सिफारिश में लगे हैं। अकेले सिरसा ही नहीं प्रदेश की कई नगर परिषद में वाइस चेयरमैन का चुनाव नहीं हो पाया है।

इन दिनों एक तो बीजेपी की नई कार्यकारिणी बनी है और दूसरा संगठन विस्तार चल रहा है। इस वजह से चुनाव में देरी होने का कारण माना जा रहा है। पार्टी व संगठन स्तर पर वाइस चेयरमैन चुनाव को लेकर चर्चा हो चुकी है कि कहां किसे उम्मीदवार बनाया जाए।

अभी उम्मीदवारों के चयन पर फाइनल नहीं हो पाया है। हो सकता है कि जो जिलाध्यक्षों की ओर से पहले नामों का पैनल भेजा हुआ था, वो दोबारा मांग लिया जाए।

वाइस चेयरमैन के चुनाव एक साथ होंगे- जिलाध्यक्ष

बीजेपी जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह का कहना है कि सभी नगर परिषद में वाइस चेयरमैन के चुनाव एक साथ होंगे और पैनल भी भेजा हुआ है। बीजेपी नेता एवं लेबर बोर्ड चेयरमैन रोहताश जांगड़ा का कहना है कि 15 अगस्त के बाद चुनाव ही इसी माइ के अंत तक होने के आसार है। पार्षदों की भी मांग है कि जल्दी चुनाव होना चाहिए।

सिरसा में बीजेपी व कांग्रेस और कांडा गुट के पार्षदों में वाइस चेयरमैन बनने की होड़ मची है। नगर परिषद सिरसा का चेयरमैन वीर शांति स्वरूप भी बीजेपी व कांडा गुट समर्थित एनडीए से हैं।

बीजेपी अपना उम्मीदवार बनाना चाह रही

बीजेपी वाइस चेयरमैन के लिए अपने ही पार्षदों में से उम्मीदवार बनाना चाहती है और दूसरी ओर कांडा गुट वाइस चेयरमैन अपना बनाना चाहती है। चेयरमैन एनडीए से हैं, तो बीजेपी वाइस चेयरमैन संगठन से बनाने की तैयारी में हैं। इसी वजह से पिछली बार चुनाव में सहमति नहीं बन पाई थी।

इसके लिए कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी भी सिरसा आए थे, पर किसी के नाम पर मुहर नहीं लगी थी, तभी चुनाव अचानक स्थगित हो गए।

बीजेपी और कांडा परिवार में चल रही नाराजगी

इन दिनों बीजेपी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं और कांडा परिवार के बीच नाराजगी चल रही है। बीजेपी की ओर से आयोजित पार्टी कार्यक्रम में भाजपा नेता गोबिंद कांडा नजर नहीं आते। पिछले कई दिनों से वे गैरहाजिर मिलते हैं। खासकर जिलाध्यक्ष की ओर से ही निमंत्रण नहीं दिया जाता।

करीब 6 माह पहले बीजेपी व कांडा के पार्षदों ने एकत्रित होकर एकजुटता का नारा दिया था, पर अब दूरी बना रखी है। ऐसे में चुनाव में बीजेपी व कांडा गुट के पार्षदों का संगठित हो पाना मुश्किल है।

कांग्रेस पार्षदों की संख्या 10, चुनाव बारे लिखा पत्र

कांग्रेस पार्षदों की संख्या 10 और दो निर्दलीय पार्षदों का समर्थन है। कुछ पार्षदों का अंदरूनी समर्थन होने का दावा किया जा रहा है। बीजेपी और कांडा गुट से करीब 20 ऐसे पार्षद हैं, जो कमल के निशान पर जीते हैं। इन्हीं 20 में से तीन नामों का पैनल बीजेपी ने भेजा हुआ है।

बकायदा पार्षदों में कांग्रेस पार्षद गोपी राम सैनी ने प्रशासन को वाइस चेयरमैन का चुनाव जल्द करवाने को पत्र लिखा हुआ है। विधायक गोकुल सेतिया से भी मीटिंग कर चर्चा कर चुके हैं।