August 9, 2026
9 aug 6
  • लड़के की तरह कुआं पूजन, ससुराल से आया छूछक, ₹21 हजार भी दिए

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा के नारनौल में गाय के बछड़े को जन्म देने की खुशी में एक परिवार ने ऐसी रस्में निभाईं, जो आमतौर पर बेटे के जन्म पर होती हैं। पशुपालक जितेंद्र यादव ने अपनी गाय के बछड़े के जन्म पर छठी और कुआं पूजन कार्यक्रम कराया। इसमें बछड़े को भी परिवार के बच्चे की तरह रस्मों में शामिल किया गया।

कुआं पूजन के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और हवन-यज्ञ किया। इतना ही नहीं, बछड़े का छूछक भी जितेंद्र की ससुराल से आया। ससुराल पक्ष के करीब 20 महिला-पुरुष छूछक लेकर पहुंचे और 21 हजार रुपए नकद समेत गाय-बछड़े के लिए चारा, माला, चुनरी और परिवार के सदस्यों के लिए कपड़े दिए। करीब 1 हजार लोगों के लिए देशी घी से बने भोजन की व्यवस्था की गई।

दो साल पहले 6 माह की गाय खरीदी थी

महेंद्रगढ़ जिले में राजस्थान सीमा से सटे इलाके के किसान और पशुपालक जितेंद्र यादव ने करीब दो साल पहले साहीवाल और गिर नस्ल की मिक्स गाय खरीदी थी। उस समय गाय करीब 6 महीने की थी। जितेंद्र उसे राजस्थान के बहरोड़ के एक गांव से लेकर आए थे। इसके बाद से उन्होंने गाय को अपनी बेटी की तरह पाला और खूब दुलार किया।

गाय का नाम मानू, बछड़े का नाम मन्नू रखा

जितेंद्र ने अपनी गाय का नाम मानू रखा हुआ है। करीब सात दिन पहले मानू ने एक बछड़े को जन्म दिया। जितेंद्र ने बछड़े का नाम मन्नू रखा। बछड़ा भी साहीवाल और गिर नस्ल का मिक्स है। बछड़े के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था। जितेंद्र ने परिवार के सदस्यों से सलाह की और बछड़े के जन्म पर लड़के की तरह छठी मनाने का फैसला लिया।

छठी के साथ कुआं पूजन की रस्में भी हुईं

जितेंद्र ने बताया कि परिजनों ने छठी की रात के साथ कुआं पूजन करने की बात कही। इसके बाद जितेंद्र ने कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दीं। हलवाई बुक किए गए और करीब 1 हजार लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया। जितेंद्र ने घर की बहन-बेटियों को भी कार्यक्रम में बुलाया। इसके लिए बाकायदा कार्ड छपवाए गए और लोगों को भेजे गए।

डेयरी फार्म पर वाटरप्रूफ टेंट लगाया

जितेंद्र ने बताया कि 7 अगस्त को अपने डेयरी फार्म पर वाटरप्रूफ टेंट लगवाया, ताकि बारिश के कारण कार्यक्रम में किसी तरह की परेशानी न हो और सभी रस्में पूरी हो सकें। सुबह परिवार के सदस्यों ने हवन यज्ञ किया। इसके बाद शाम को महिलाओं ने गाजे-बाजे के साथ गीत गाते हुए गाय और बछड़े के साथ कुआं पूजन की रस्म अदा की। एक हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी। इसमें देशी घी से बनी बूंदी, रायता, सब्जी और पूरी बनाई गई थी।

ससुराल से आया छूछक, 21 हजार रुपए भी दिए

जितेंद्र ने कहा कि लड़के के जन्म पर जिस तरह मामा के घर से छूछक आता है, उसी तरह उसके ससुराल कल्याणपुरा, बहरोड़ से भी छूछक आया। ससुराल पक्ष के करीब 20 से अधिक महिला और पुरुष छूछक लेकर पहुंचे। पूरे गांव के मौजीज लोगों के सामने छूछक लिया गया। ससुराल पक्ष के लोगों ने 21 हजार रुपए नकद भी दिए। इसके अलावा गाय के लिए पशु चारा, बछड़े के गले में डालने के लिए माला, गाय के लिए नकदी और चुनरी, परिजनों के लिए कपड़े तथा बहन-बेटियों के लिए कपड़े समेत अन्य सामान दिया गया।

संयुक्त परिवार में रहते हैं 20 से ज्यादा सदस्य

जितेंद्र यादव का परिवार संयुक्त परिवार है। एक ही छत के नीचे उनके माता-पिता, दो भाई, चाचा और चाचा का परिवार रहता है। परिवार में 20 से अधिक सदस्य हैं। जितेंद्र कई साल से पशुपालन कर रहे हैं। उनके एक भाई दीपक यादव सेना में कार्यरत हैं।

बोले- गाय से बहुत लगाव है, किसी और को पास नहीं आने देती

जितेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने गाय को बहुत छोटी उम्र से पाला है। इसी वजह से उन्हें गाय से काफी लगाव हो गया है। गाय भी उनसे काफी लगाव रखती है और उनके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति को अपने पास नहीं आने देती। वह दूध भी उन्हीं से निकलवाती है। बछड़े को जन्म दिए अभी सात दिन ही हुए हैं और इस दौरान गाय ने 9 लीटर दूध दिया है।