- निगरानी के लिए 7 समितियां गठित, मंत्री बोले-सुरक्षा नियम तोड़े तो अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में सीवरेज और मैनहोल में होने वाले हादसों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा उपायों की अनदेखी से किसी कर्मचारी की जान जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने प्रदेश में सीवरेज और मैनहोल से जुड़े कार्यों की निगरानी के लिए 7 समितियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक समिति में मुख्य अभियंता, संबंधित सर्कल के अधीक्षण अभियंता और संबंधित मंडल के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) शामिल होंगे। समितियां नियमित रूप से फील्ड में जाकर सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण करेंगी और अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगी। रिपोर्ट तत्काल मंत्री के समक्ष रखी जाएगी।
निष्पक्ष जांच के लिए अफसरों के क्षेत्र बदलेंगे: निरीक्षण व्यवस्था को प्रभावी और निष्पक्ष बनाने के लिए मुख्य अभियंताओं को उनके वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से अलग सर्कलों की जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अधिकारी अपने क्षेत्र से बाहर जाकर सीवरेज और मैनहोल के कार्यों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।
बिना सुरक्षा उपकरण मैनहोल में उतरने पर रोक: मंत्री ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना किसी भी कर्मचारी को सीवरेज या मैनहोल में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि हर काम में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो।
खुले मैनहोल मिले तो अधिकारियों की जिम्मेदारी: मंत्री ने खुले मैनहोल और सीवरेज ओपनिंग को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी कोई मैनहोल या सीवरेज ओपनिंग खुली नहीं रहनी चाहिए। विभागीय अधिकारी नियमित रूप से इनकी निगरानी करें और खुले मैनहोल को सुरक्षित तरीके से बंद करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। खुले मैनहोल के कारण हादसे होने की सूचनाएं भी मिली हैं। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी।
हादसे के बाद रिपोर्ट भेजने में देरी पर भी नाराजगी: मंत्री ने अधिकारियों द्वारा दुर्घटनाओं के बाद मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने में देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्रारंभिक रिपोर्ट, तथ्य जांच रिपोर्ट और कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) समय पर मुख्यालय नहीं भेजी जाती। अब किसी भी घटना की जानकारी और उससे संबंधित रिपोर्ट तत्काल मुख्यालय भेजना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। इसमें देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सभी डीसी करेंगे हर महीने समीक्षा : गंगवा
कैबिनेट मंत्री ने प्रदेश के सभी डीसी को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपनी मासिक समीक्षा बैठकों में मैनहोल और सीवरेज कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा करें। साथ ही राज्य सरकार के निर्देशों और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करवाएं।
सरकार का स्पष्ट संदेश: सीवरेज-मैनहोल के काम में सुरक्षा से समझौता हुआ तो केवल ठेकेदार ही नहीं, संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी।