July 23, 2026
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  •  सरकार ने जारी किया नया आदेश

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा सरकार के वित्त विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 15 हजार क्लर्कों को राहत देने वाला आदेश जारी किया है। स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि अतिरिक्त इंक्रीमेंट कर्मचारियों की बेसिक पे का स्थायी हिस्सा होंगे और भविष्य के लगभग सभी वित्तीय एवं सेवा लाभ बढ़ी हुई बेसिक पे के आधार पर मिलेंगे।

हरियाणा क्लेरिकल वेलफेयर एसोसिएशन ने वित्त विभाग से मांग रखी थी कि अपने आदेश का स्पष्ट करते हुए नए आदेश जारी किए जाए। जिस पर आज वित्त विभाग ने 22 जुलाई 2026 को नया क्लेरिफिकेशन जारी किया है। सरकार के इस स्पष्टीकरण से क्लर्क, सीनियर क्लर्क, असिस्टेंट और संबंधित कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, एसीपी, पदोन्नति, पेंशन और अन्य लाभों को लेकर चल रही अधिकांश शंकाएं समाप्त हो गई हैं।

बेसिक पे में होगा अतिरिक्त इंक्रीमेंट का विलय: वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीनियर क्लर्कों को मिलने वाली 3 अतिरिक्त वेतन वृद्धि और वर्ष 2020 बैच के क्लर्कों को मिलने वाली 2 अतिरिक्त वेतन वृद्धि संबंधित कर्मचारी की मौजूदा पे-लेवल या एसीपीएल की बेसिक पे में स्थायी रूप से मर्ज की जाएगी। इसका सीधा लाभ भविष्य में मिलने वाले सभी वेतन और सेवा संबंधी लाभों पर पड़ेगा।

इन सभी लाभों में होगा सीधा फायदा: बढ़ी हुई बेसिक पे के आधार पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), वार्षिक वेतन वृद्धि, लीव एनकैशमेंट, प्रमोशन पर वेतन निर्धारण, ACP/ACPL, पेंशन, रिटायरमेंट बेनिफिट्स सहित अन्य सभी वित्तीय लाभ मिलेंगे।

वार्षिक वेतन वृद्धि की तारीख नहीं बदलेगी: स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अतिरिक्त इंक्रीमेंट मिलने के बावजूद कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) की तिथि में कोई बदलाव नहीं होगा। अगली इंक्रीमेंट निर्धारित तिथि पर ही जारी होगी।

8 फरवरी 2024 से मिलेगा लाभ: वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि 2 या 3 अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ 8 फरवरी 2024 से प्रभावी माना जाएगा। जिन कर्मचारियों पर यह आदेश लागू होता है, उन्हें उसी तिथि से संशोधित लाभ प्रदान किया जाएगा।

पदोन्नति के बाद भी मिलेगा पूरा फायदा: यदि किसी क्लर्क को 8 फरवरी 2024 के आदेश के तहत अतिरिक्त इंक्रीमेंट मिलने के बाद असिस्टेंट पद पर पदोन्नति मिल चुकी है, तब भी संशोधित आदेश के अनुसार उसे पूरा लाभ मिलेगा। ऐसे मामलों में हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के तहत वेतन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।

सीनियर-जूनियर वेतन विवाद पर अलग से होगा फैसला: यदि अतिरिक्त इंक्रीमेंट के कारण किसी जूनियर कर्मचारी का वेतन वरिष्ठ कर्मचारी से अधिक हो जाता है, तो ऐसे मामलों का निस्तारण वित्त विभाग प्रत्येक कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर अलग-अलग करेगा।

SETC पास नहीं करने वाले क्लर्क भी पात्र: वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 8 फरवरी 2024 तक SETC या विभागीय टाइप टेस्ट पास नहीं करने वाले क्लर्क भी संशोधित आदेश के तहत 2 या 3 अतिरिक्त वेतन वृद्धि के पात्र होंगे।

Presumptive Pay लेने वालों को भी मिलेगा लाभ: यदि कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी SETC पास किए बिना क्लर्क पद पर पदोन्नत हुआ है और नियम 38 के तहत Presumptive Pay ले रहा है, तो उसे भी अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।