- बोले- छात्रों पर लाठीचार्ज करना गलत, अपना हक मांग रहे थे
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अब ओलंपियन पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और कहा कि जो कुछ भी जंतर-मंतर पर हुआ, उसे देखकर वह खुद को बोलने से रोक नहीं पाए।
वीडियो में उन्होंने छात्रों के आंदोलन, पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक, महिला पहलवानों के आंदोलन, किसान आंदोलन और मौजूदा राजनीतिक माहौल को लेकर अपनी राय रखी। साथ ही उन्होंने लोगों से छात्रों के समर्थन में एकजुट होने की अपील भी की।
‘जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ लाठीचार्ज हुआ’
बजरंग पूनिया ने कहा कि आप सभी ने देखा कि पुलिस द्वारा हमारे स्टूडेंट बहन और भाइयों के साथ जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि 14-15 साल से बच्चे अपने हक की आवाज के लिए बैठे हुए थे और उनके साथ जिस तरह पुलिस ने कार्रवाई की, वह गलत था।
उन्होंने कहा कि छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी गई और प्लास्टिक बुलेट भी चलाई गई। उन्होंने कहा कि यह सब देखकर वह खुद को बोलने से नहीं रोक पाए। उनके मुताबिक वह पहले बोलना नहीं चाहते थे, क्योंकि पहले भी बोलकर देख चुके हैं।
‘80 प्रतिशत लोग मानसिक गुलाम हो चुके हैं’: बजरंग पूनिया ने कहा कि आज देश के 80 प्रतिशत लोग मानसिक गुलाम हो चुके हैं। जो भी अपनी आवाज उठाता है, उसी की आवाज दबा दी जाती है। उन्होंने कहा कि अगर जंतर-मंतर की घटना पर अब भी नहीं बोल पाए तो इंसान होने का कोई फायदा नहीं है।
‘आज ही जंतर-मंतर पहुंचकर समर्थन करूंगा’: उन्होंने कहा कि वह सभी छात्र-छात्राओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और जंतर-मंतर पहुंचकर उनका समर्थन भी करेंगे। उन्होंने बताया कि वह कुश्ती प्रतियोगिता के लिए भारत से बाहर गए हुए थे, इसलिए पहले वहां नहीं पहुंच सके।
बजरंग पूनिया ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों और बटालियन के जवानों ने बच्चों पर डंडे चलाए, उनके घरों में भी बच्चे होंगे और वे खुद भी परीक्षा देकर ही भर्ती हुए होंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बल लोगों की रक्षा के लिए होते हैं।
‘बच्चों के पास किताबें और तिरंगा था’: उन्होंने कहा कि यह अफवाह फैलाई जा रही है कि छात्र पुलिस पर हमला कर रहे थे, जबकि बच्चे अपने साथ कॉपी, किताब और तिरंगा लेकर आए थे। सभी छात्रों की जांच के बाद ही उन्हें जंतर-मंतर पर जाने दिया गया था। बजरंग पूनिया ने दावा किया कि उन्होंने वीडियो में देखा कि पुलिस ने पत्थरों से भरे ट्रक खड़े किए हुए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि सिविल ड्रेस में डंडे लेकर खड़े लोग आखिर कौन थे और इसका जवाब कौन देगा।
‘आवाज उठाने वालों के साथ यही होता है
उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी आवाज उठाता है, चाहे वह छात्र हो, किसान, जवान या पहलवान, उसके साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि लोग एकजुट होकर लड़ाई नहीं लड़ते।
‘किसान, खिलाड़ी और छात्र एकजुट हों
उन्होंने अपील करते हुए कहा कि किसान संगठनों, खिलाड़ियों, छात्रों और उनके परिवारों को एकजुट होना पड़ेगा। अगर देश बचाना है तो सभी को मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि आज 20 प्रतिशत लोग ही इसलिए बचे हैं क्योंकि लड़ने वाले लोग अभी भी मौजूद हैं।
‘बच्चे वोट नहीं, अपना हक मांग रहे थे
उन्होंने कहा कि अंधभक्तों को छोड़ दीजिए। जिन बच्चों पर लाठीचार्ज किया गया, वे वोट मांगने नहीं आए थे, बल्कि केवल अपना हक मांगने आए थे। ‘महिला पहलवानों के साथ भी ऐसा ही हुआ था।
बजरंग पूनिया ने कहा कि जिस प्रकार महिला खिलाड़ियों पर डंडे बरसाए गए थे, उसी तरह अब छात्रों पर भी डंडे बरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस मामले को भी दो-तीन साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
सरकार आरोपी के साथ खड़ी रही
बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने एक लड़की को गले लगाया और वह असहज महसूस करने लगी, उसे ही यौन उत्पीड़न कहा जाता है। इसके बावजूद सरकार उसी व्यक्ति के पक्ष में खड़ी रही और भाजपा समर्थकों ने उस बहन को ही निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर पहले से कई मुकदमे हैं, उसे निशाना नहीं बनाया जाता। लेकिन जो भी आवाज उठाता है, उसे देशद्रोही, टुकड़े-टुकड़े गैंग या खालिस्तानी कह दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप उन्हें भी झेलने पड़े थे।
‘धर्म के नाम पर राजनीति का आरोप’
बजरंग पूनिया ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी वर्षों से धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर राजनीति कर रही है, वह लोगों का भला कैसे कर सकती है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर वोट मांगे गए, लेकिन बाद में भगवान के नाम पर भी राजनीति की गई। उन्होंने कहा कि जब श्रेय लेने की बात होती है तो सभी सामने आ जाते हैं, लेकिन बाद में कोई दिखाई नहीं देता। उनके अनुसार कमेटियां इसलिए बनाई जाती हैं ताकि आंदोलन कर रहे लोगों को अलग-अलग किया जा सके।
पैसे की ताकत से सब कुछ किया जा रहा है
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास पैसे की ताकत है और उसी के दम पर बहुत कुछ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम समर्थकों को इसका कोई फायदा नहीं मिलता, फिर भी वे उसी का समर्थन करते हैं।
किसानों-पहलवानों को लेकर भी बोले…
‘किसान आंदोलन का भी किया जिक्र’
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में 700 से 800 किसान शहीद हो गए। बाद में समझौता हो गया और फिर किसानों को दोबारा आंदोलन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले पंजाबियों को खालिस्तानी कहा गया और जब वोट की जरूरत पड़ी तो सब सामान्य हो गया।
‘देश बचाना है तो सबको एक होना होगा’
बजरंग पूनिया ने कहा कि अगर देश बचाना है तो सभी को एकजुट होना पड़ेगा। जो लोग गुलामी नहीं चाहते, उन्हें आगे आना होगा और संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे भाई-बहनों के लिए चाहे कुछ भी करना पड़े, यहां तक कि जान भी देनी पड़े, वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि हर छात्र के भविष्य का मुद्दा है, क्योंकि हर घर में पढ़ाई होती है।
‘सरकार ने हमें डोप में फंसा दिया
बजरंग पूनिया ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कोई चोरी या गलत काम नहीं किया, लेकिन सरकार ने उन्हें डोपिंग के मामले में फंसा कर घर बैठा दिया। उन्होंने कहा कि पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था और सरकार के पास इतनी ताकत है कि वह कुछ भी कर सकती है।