July 18, 2026
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  • सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए एडवाइजरी जारी करने के निर्देश

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के हर्षवर्धन सभागार में आयोजित ‘ड्रग्स मुक्त हरियाणा संवाद कार्यक्रम’ में गैंगस्टरों के महिमामंडन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम के दौरान एसटीएफ अधिकारियों ने सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में गैंगस्टरों को ग्लोरिफाई किए जाने पर चिंता जताते हुए इस पर प्रभावी रोक लगाने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सख्त रुख अपनाते हुए एडवाइजरी जारी करने और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

तीन साल से सेवा दे रहे अधिकारी ने उठाया मुद्दा

एसटीएफ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगस्त 2025 में हरियाणा विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित हुआ था। इसमें सभी मीडिया संस्थानों से अपील की गई थी कि गैंगस्टरों का किसी भी प्रकार से महिमामंडन न किया जाए, लेकिन इसके बावजूद यह सिलसिला नहीं रुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक सख्त एडवाइजरी जारी कर इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और प्रिंट मीडिया में इस तरह की खबरों पर रोक लगाई जाए।

युवाओं पर पड़ रहा गलत असर

एसटीएफ अधिकारियों ने सीएम के समक्ष कि गैंगस्टरों और गन कल्चर को ग्लोरिफाई करने वाली रिपोर्टिंग का सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है। युवा अपराधियों को अपना रोल मॉडल मानने लगते हैं और उनकी जीवनशैली से प्रभावित होकर अपराध की ओर कदम बढ़ा देते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि डीपीआईआरओ विभाग मीडिया संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करे, जिससे इस दिशा में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

सीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि इस विषय पर विधानसभा में पहले ही चर्चा हो चुकी है। उन्होंने हरियाणा पुलिस को निर्देश दिए कि जल्द ही एडवाइजरी जारी कर सभी मीडिया संस्थानों को पहले ही अवगत कराया जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि कोई भी गैंगस्टरों का महिमामंडन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया संचालकों को बुलाकर होगी बैठक

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया चैनल संचालकों को एक निश्चित स्थान पर बुलाकर उनके साथ बैठक की जानी चाहिए। उन्हें कानून और नियमों की जानकारी देना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि कानून बनाना जरूरी है, लेकिन उससे पहले जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।