- बाजार बंद, पानी में कुर्सियां डालकर बैठे लोग
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के हिसार में बारह क्वार्टर एरिया में बिन बारिश ही गलियों में पानी भर गया है। दो दिन से जलभराव से परेशान लोगों ने यहां अनूठा प्रदर्शन किया। लोगों ने गली में खड़े पानी में विधायक सावित्री जिंदल और मेयर प्रवीण पोपली का पोस्टर लगा दिया और लिख दिया- “इस जलभराव के लिए हम जिम्मेदार हैं”।
इतना ही नहीं लोग पानी में कुर्सियां डालकर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध स्वरूप रोड के दुकानदारों ने दुकानों के शटर गिराकर प्रदर्शन में भाग लिया।
इस दौरान जवाब दो हिसाब दो से ललित भाटिया, राजेंद्र यादव, अनिल कुंडू सहित दुकानदारों ने पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन और एसडीओ को जल्द से जल्द पानी निकालने को कहा वरना वह बड़ा प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
वहीं मेयर प्रवीण पोपली का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। दो घंटे पहले उनकी अफसरों से बात हुई थी। दोपहर तक समस्या का समाधान हो जाएगा। कई बार सीवरेज लाइन साफ करने के लिए दूसरी लाइन रोकनी पड़ती है। रात को रोकी लाइन दोबारा खुल नहीं पाई, जिसके कारण दिक्कत हुई थी।
लोग बोले- ‘अफसर आए, नहीं तो दफ्तर घेरेंगे’
जलभराव से परेशान लोग सिर्फ पोस्टर लगाकर ही नहीं रुके, बल्कि वे गंदे पानी के बीच ही कुर्सियां डालकर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जनता के इस गुस्से को देखते हुए रोड के सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और व्यापार बंद कर प्रदर्शन में शामिल हो गए।
इस दौरान ‘जवाब दो हिसाब दो’ मंच के ललित भाटिया, राजेंद्र यादव और अनिल कुंडू सहित प्रमुख दुकानदारों ने पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन और एसडीओ को सीधे फोन मिलाया। लोगों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, “अगर अगले दो घंटे में इस समस्या का पक्का समाधान नहीं हुआ, तो पूरी जनता पब्लिक हेल्थ ऑफिस के भीतर घुसकर प्रदर्शन करेगी।”
महिलाएं बोलीं- बेटी की शादी, कैसे आएगी बारात
12 क्वार्टर रोड के नजदीक स्थित गांधी कॉलोनी की महिलाओं का दर्द और चिंता इस जलभराव ने और बढ़ा दी है। महिलाओं ने रुआंसे मन से बताया कि घर में बेटी की शादी है और बारात आने वाली है। घर पर दूर-दराज से मेहमान आ रहे हैं, जिन्हें इस बदबूदार और गंदे पानी के बीच से पैंट-साड़ी उठाकर निकलना पड़ रहा है।
हमें सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब बारात आएगी, तो वो इस पानी से कैसे गुजरेगी? अगर हालात यही रहे, तो समधियों और बारात के सामने हमारी क्या इज्जत रह जाएगी।
40 साल पुरानी पाइपलाइन, हजारों घरों का बोझ
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पूरे इलाके में सीवरेज सिस्टम पूरी तरह ठप हो चुका है। यहां करीब 40 साल पुरानी सीवरेज लाइन बिछी हुई है। इन 40 सालों में इलाके में हजारों नए मकान बन गए और आबादी कई गुना बढ़ गई, लेकिन सीवरेज लाइन को बदला नहीं गया।
स्थानीय पार्षद से लेकर नगर निगम के बड़े अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इस जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है।
इस एरिया में लाहौरिया स्कूल, सुमन स्कूल, आशा स्कूल और न्यू इंडिया कान्वेंट स्कूल सहित 5 स्कूल हैं। इन स्कूलों के छोटे-छोटे बच्चे हर रोज इसी सीवरेज के गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।