July 18, 2026
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  • प्रशासक कटारिया ने हेरिटेज को आफत कहा

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज शनिवार को चंडीगढ़ पहुंचे। यहां सीजेआई ने सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से तैयार मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया। इससे आने वाले वकीलों और आम लोगों को पार्किंग की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- मैंने कटारिया जी को कहा था कि मैं आम भाषा में बात करूंगा। कटारिया जी ने अपने भाषण में कहा कि मैं हिसार में पैदा हुआ लेकिन प्रैक्टिस में मैंने यहां की। ये स्वाभाविक है कि मेरे लिए आपके बीच शामिल होना औपचारिक कर्तव्य ही नहीं है बल्कि मेरे लिए पर्सनल मोमेंट है। दिल से जुड़ी बात है।

हिसार शायद मेरी जन्मभूमि तो है लेकिन चंडीगढ़ मेरी कर्मभूमि रही है। मेरा संघर्ष का जीवन इसी शहर, इन्हीं गलियों और इन्हीं हवाओं में हुआ। जो कुछ मेरे पास है, वह आप सबकी सपोर्ट, गाइडेंस और मेंटोरशिप का परिणाम है।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी शहर की रीढ़ की हड्‌डी है। बेसिक सुविधाएं न हों तो वह शहर आगे कैसे बढ़े, यही मुश्किल हो जाता है। उन्होंने पंजाब-हरियाणा सरकार के लिए भी संदेश जारी कर कहा कि उन्हें कोर्ट की डिमांड को माइंड में रखनी चाहिए।

वहीं, चंडीगढ़ के प्रशासक व पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने कहा- हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हरियाणा के हिसार जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर एक व्यक्ति देश के सबसे बड़े पद तक पहुंचा और आज हमारी धरती पर आए हैं।

गवर्नर ने कहा कि हेरिटेज हमारे लिए इतनी बड़ी आफत है कि कोर्ट के अंदर एक बरामदा भी बनाना हो तो ऊपर से नीचे चक्कर काटकर हमें यह बनवाना पड़ता है।

CJI की अहम बातें…

  • विकास के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना जरूरीः सीजेआई ने कहा कि देश की आबादी और आर्थिक विकास तेजी से बढ़ा है, इसलिए डेमोक्रेसी और कानून के साथ मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर भी जरूरी है।उन्होंने कहा कि अगर विकास के अनुरूप सुविधाएं नहीं बढ़ीं तो शहरीकरण का मॉडल भविष्य में कोलेप्स हो जाएगा।
  • हाईकोर्ट और कोर्ट परिसरों में सुविधाएं बढ़ेंः मैंने यहां पर वकील के तौर पर 18-19 साल प्रैक्टिस की है। यहां के वकीलों के आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी है। यहां कोई महंगी गाड़ी आई तो सबसे पहले वकील ही खरीदेंगे। मैंने सभी जिला कोर्ट और हाईकोर्ट में इस बात को लेकर अपील की है कि यहां कोई भी आए, उसे बेसिक सुविधाएं मिलें, जैसे अस्पतालों में मिलती हैं।
  • मल्टीलेवल पार्किंग समय की जरूरतः जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अस्पताल, स्कूल जैसे पब्लिक प्लेसों पर मल्टीलेवल पार्किंग की जरूरत है। हर शहर को इस बारे में सोचना पड़ेगा। गाड़ियां जिस स्पीड से बढ़ रहीं, उस हिसाब से हमारा इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बढ़ रहा। इसके बारे में सोचना पड़ेगा।
  • हाईकोर्ट में भी पार्किंग की दिक्कतः जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हाईकोर्ट में भी पार्किंग की दिक्कत है। मैं प्रशासक कटारिया से अपील करूंगा कि वह इसके बारे में भी सोचें कि कैसे हाईकोर्ट को एक्सपेंड किया जाए और वकीलों और लोगों को पार्किंग की सुविधा दी जाए। वहां जगह है या फिर कोई वैकल्पिक इंतजाम दिया जा सके।
  • वकील भी न्याय व्यवस्था की अहम कड़ीः जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जस्टिस डिलीवरी सिस्टम में सिर्फ जज ही महत्वपूर्ण नहीं हैं बल्कि वकील भी अहम हिस्सा हैं। वकीलों के न्याय दिलाने में अहम भूमिका को देखते हुए उन्हें बेसिक सुविधाएं देना बहुत अहम हो जाता है।
  • पंजाब-हरियाणा सरकार सरकार को संदेशः जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- पंजाब और हरियाणा सरकार को भी इस बात के बारे में बताया जाए कि जिला व सब डिवीजन लेवल पर कोर्ट की डिमांड को वह माइंड में रखें, ताकि वहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर अपडेट हो सके।
  • केसों की पेंडेंसी का नैरेटिव तोड़ने होगाः जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- एक नैरेटिव बना हुआ है कि देश में केसों की बहुत पेंडेंसी है। इसे तोड़ने के लिए हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना होगा ताकि नए ज्यूडिशियल अफसर भर्ती किए जा सकें।

प्रशासक कटारिया बोले- अब पार्किंग का सही ढंग से इस्तेमाल हो

प्रशासक कटारिया ने कहा- बुद्धि की प्रखरता के कारण सूर्यकांत जी ने गोल्ड मेडल के साथ LLB की। तब से लेकर एडवोकेट के नाते इतनी लंबी यात्रा की है। 2004 में इसी हाईकोर्ट के जज बने। इसके बाद हिमाचल के चीफ जस्टिस बने। उसके बाद 2022 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने और आज सीजेआई हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हमने 3.05 करोड़ रुपया खर्च कर ओपन पार्किंग एरिया बनाया। पार्किंग सुविधा हमने दिला दी लेकिन इसका इस्तेमाल भी सही ढंग से हो, यह भी हमें देखना होगा। ऐसा न हो कि जहां मर्जी खड़ी कर दो, इसके लिए बढ़िया है कि हर जगह सुनिश्वित कर दें कि जज कहां गाड़ी खड़ी करेंगे और वकील कहां पार्किंग करेंगे। सिर्फ आने-जाने वालों की गाड़ी पार्किंग वाले खड़ी करें और वही इसे वापस लौटाएं, तभी ये कामयाब होगी।

CJI ने ही बनाई थी मल्टीलेवल पार्किंग की योजना

उधर, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा ने कहा- मल्टीलेवल पार्किंग का पूरा श्रेय जस्टिस सूर्यकांत को जाता है क्योंकि जब वह बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन थे तो उन्होंने ही इसकी पूरी योजना बनाई। उन्होंने कहा कि CJI के प्रायोरिटी देने की वजह से आने वाले दिनों में और भी ज्यूडिशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर बनेंगे।

जानिए… कोर्ट की पार्किंग से क्या फायदा

रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं कोर्ट

सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में रोजाना हजारों लोग अपने मामलों की सुनवाई के लिए पहुंचते हैं। यहां बड़ी संख्या में वकील भी नियमित रूप से काम करते हैं। मौजूदा पार्किंग व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण लोगों को अक्सर अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़ते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।

चार मंजिला पार्किंग में 1500 वाहन खड़े होंगे

करीब साढ़े चार एकड़ भूमि में बनी यह मल्टीलेवल पार्किंग बेसमेंट सहित चार मंजिला है। इसमें एक समय में लगभग 1,500 वाहनों को खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके शुरू होने के बाद जिला अदालत परिसर और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।

2022 में रखा गया था शिलान्यास

इस परियोजना का शिलान्यास 30 जुलाई 2022 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था। करीब चार वर्ष बाद निर्माण कार्य पूरा होने के साथ अब यह मल्टीलेवल पार्किंग लोगों के उपयोग के लिए तैयार है। प्रशासन का मानना है कि इसके शुरू होने से जिला अदालत परिसर की पार्किंग व्यवस्था में सुधार होगा और लंबे समय से चली आ रही वाहन खड़े करने की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।

सीजेआई बनने के बाद 7 मार्च 2026 को उनका चंडीगढ़ का पहला बड़ा दौरा था। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (CIAC) और ‘इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट्स वीक’ का उद्घाटन किया। अब यह दूसरा दौरा है।