- फरीदाबाद होटल में बनाया सेटअप, 2 गलतियों से पकड़ा गया
हरियाणा ब्रेेकिंग न्यूज : हरियाणा के फरीदाबाद में होटल में नकली नोट छापते पकड़े गए आईटी इंजीनियर विनायक झा से पुलिस ने दो दिन सख्ती से पूछताछ की। यह सख्ती बरतने के पीछे दो सवाल रहे। पहला यह कि विनायक गुरुग्राम में 42 लाख के सालाना पैकेज पर जॉब कर रहा था, तो फिर उसे नकली नोट छापने की जरूरत क्यों पड़ी। दूसरा सवाल यह कि माता-पिता सरकारी नौकरी में है, तो कहीं देश विरोधी एक्टिविटी करने वालों से तो संपर्क नहीं हो गया।
मगर, रिमांड पर हुई पूछताछ में विनायक ने नकली नोट छापने के पीछे की जो वजह बताई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। पुलिस के मुताबिक, विनायक के कुछ दोस्त अमेरिका में रहते है, जो रोजाना उसे रील्स बनाकर भेजते थे। इन रील्स में ये युवक अमेरिकन करेंसी डॉलर को कभी हवा में उड़ाते तो कभी बेड पर बिछाकर उस पर सोते हुए दिखाते थे।
विनायक ने भी रील बनाने के लिए नकली नोट छापने की प्लानिंग की। इसके लिए पहले इंटरनेट के माध्यम से भारतीय नोटों की डिजाइन और प्रिंटिंग संबंधी जानकारी जुटाई। दिल्ली सदर बाजार से ऑनलाइन प्रिंटर और अन्य उपकरण खरीदे, जबकि विशेष प्रकार का कागज भी यहीं से लाया। मगर, दो गलतियों की वजह से सरकारी नौकरी करने वाले मां-बाप का यह होनहार बेटा सलाखों के पीछे पहुंच गया।
42 लाख पैकेज, माता-पिता सरकारी नौकरी में
पुलिस पूछताछ में विनायक झा ने बताया कि वह यूपी के नोएडा की आईटी कंपनी में इंजीनियर है। उसका सालाना पैकेज 34 लाख रुपए है। यानी 350000 रुपए महीने की सैलरी है। उसके पिता अभिनव जीत झा है, जो गवर्नमेंट डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। उसकी मां भी सरकारी महकमे में ऊंचे पद पर हैं। विनायक बेंगलुरु के एक इंस्टीट्यूट से पासआउट है।
अमेरिका वाले दोस्त करते थे वीडियो साझा
आरोपी विनायक ने आगे बताया कि उसके कुछ दोस्त अमेरिका में रहते हैं। वे सोशल मीडिया पर डॉलर उड़ाते हुए या डॉलर के ढेर के साथ वीडियो साझा करते थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि वीडियो में इस्तेमाल किए जाने वाले डॉलर असली नहीं, बल्कि नकली होते हैं। इसी से प्रेरित होकर उसने भारतीय मुद्रा जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करने की योजना बनाई।
इंटरनेट से जुटाई डिजाइज-प्रिटिंग की डिटेल
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने इंटरनेट के माध्यम से भारतीय नोटों की डिजाइन और प्रिंटिंग संबंधी जानकारी जुटाई। इसके बाद उसने दिल्ली सदर बाजार से ऑनलाइन प्रिंटर और अन्य उपकरण खरीदे, जबकि विशेष प्रकार का कागज दिल्ली से लाया। उसने सूरजकुंड स्थित होटल सरोवर पोर्टिको में कमरा किराए पर लेकर उसे अस्थायी प्रिंटिंग यूनिट बना दिया।
शुरुआत में 500-500 के तीन नकली नोट बनाए
पुलिस के अनुसार आरोपी ने शुरुआत में 500 रुपये के केवल तीन नकली नोट पूरी तरह तैयार किए थे, जबकि कुछ अन्य नोट प्रिंट तो हो चुके थे लेकिन उनकी कटिंग नहीं हुई थी। इसके बाद 100 रुपये के 10 नकली नोट भी बनाए। अब वह बड़ी मात्रा में नकली नोट बनाने की योजना बना रहा था कि पुलिस ने उसे धर दबोचा।
नाम से बुक किया कमरा, एड्रेस से घर पहुंची पुलिस
जांच में पता चला कि उसने 26 जून को उसने कमरा बुक कराया था। होटल प्रबंधन ने उसे कमरा नंबर 404-B अलॉट किया। मगर, विनायक से पहली गलती यह हुई कि यहां रिसेप्शन पर उसने अपनी ही आईडी जमा करा दी। इसी आईडी की वजह से पुलिस उसके घर तक पहुंच गई।
2 दिनों तक कमरा बंद रहने पर शक हुआ
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब होटल का कमरा दो दिनों तक बंद रहा और आरोपी चाबी अपने साथ लेकर चला गया। लगातार बंद कमरे से संदेह होने पर होटल प्रबंधन ने सूरजकुंड थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने होटल अधिकारियों की मौजूदगी में कमरा खुलवाया, जहां से लैपटॉप, प्रिंटर, विशेष कागज, नकली नोट और अन्य सामान बरामद हुआ।
दिल्ली के सप्लायर के पास लेकर पहुंची पुलिस
क्राइम ब्रांच प्रभारी शीशपाल ने बताया कि पुलिस आरोपी को 29 जून को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। वह दिल्ली के सदर बाजार से असली नोट से मिलता-जुलता पेपर खरीद कर लेकर आया था। पुलिस आरोपी को दिल्ली के सदर बाजार लेकेर गई, जहां पर कागज के सप्लायर की पहचान की गई है। पुलिस ने वहां से पेपर के कुछ रोल भी कब्जे में लिए है। पुलिस अब इस नेटवर्क को खंगाल रही है।
10 साल तक की सजा का प्रावधान
क्राइम ब्रांच प्रभारी शीशपाल ने बताया कि विनायक झा ने आरोपी विनाक के खिलाफ नकली मुद्रा तैयार करने और उससे संबंधित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोष सिद्ध होने पर उसे 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। पुलिस अब लैपटाप, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच करा रही है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि पहले भी नकली नोट छापे गए थे या नहीं। पुलिस ने आरोपी को जेल में पेश किया जहां से उसको जेल भेज दिया गया है