July 26, 2026
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  • इंडस्ट्री में ऑटो-CLU सिस्टम लागू होगा

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार ने निवेशकों, उद्योगों और आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने का फैसला किया है। प्रशासनिक सुधारों के तहत अब भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति के लिए पहले की तरह 19 दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि केवल 3 दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि इससे मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी, लालफीताशाही कम होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और संबंधित विभागों को रेगुलेटरी रिफॉर्म को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य मंजूरियों में लगने वाले समय को कम करना और उद्योगों के लिए कारोबार करना आसान बनाना है।

70 प्रतिशत क्षेत्र में CLU की जरूरत ही नहीं
सरकार के इस फैसले के बाद सूबे में लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में अब CLU अनुमति की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करने के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि उपयोग नियमों में भी लचीलापन ला रही है।

ऑटो-CLU और सेल्फ-सर्टिफिकेशन को बढ़ावा

सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ऑटो-CLU व्यवस्था लागू करने का भी निर्णय लिया है। वहीं कम जोखिम वाली इमारतों के लिए ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट अब स्व-प्रमाणीकरण (SC) के आधार पर जारी किए जाएंगे। केवल उच्च जोखिम वाली श्रेणी की इमारतों में थर्ड पार्टी सत्यापन की व्यवस्था लागू रहेगी।

मंजूरी का समय भी घटा

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्योगों को राहत देते हुए ‘कंसेंट टू एस्टैब्लिश’ और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ की समय-सीमा 30 कार्य दिवस से घटाकर 21 कार्य दिवस कर दी है। इससे नई औद्योगिक इकाइयों को जल्दी संचालन शुरू करने में मदद मिलेगी।

निवेश और उद्योगों को मिलेगा फायदा

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का मानना है कि CLU प्रक्रिया के सरलीकरण से निवेशकों की लागत और समय दोनों बचेंगे। दस्तावेजों की संख्या घटने से आवेदन प्रक्रिया आसान होगी, जबकि ऑटो-स्वीकृति और सेल्फ-सर्टिफिकेशन जैसी व्यवस्थाएं उद्योगों के लिए अनावश्यक बाधाओं को कम करेंगी।