- 35% क्राइटेरिया का विरोध, छात्र बोले-बिहार का चेयरमैन थोपा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : पंचकूला में हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के भर्ती सिस्टम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पुलिस ने खदेड़ दिया। विरोध कर रहे कुछ कैंडिडेट्स को हाथ-पैर पकड़कर घसीटा गया। उन्हें उठाकर पुलिस वाहनों में डाला गया। कुछ युवतियों को भी हिरासत में लिया गया।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ओबीसी बिग्रेड द्वारा किया जा रहा है। एचपीएससी दफ्तर घेरने पहुंचे प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने JJP नेता दिग्विजय चौटाला भी पहुंचे। धरना स्थल से निकलते ही उन्हें पहले ही रोक लिया गया।
प्रदर्शन के लिए पहुंचे भर्ती कैंडिडेट में शामिल गुरमेल डाबी ने बताया कि हरियाणा सरकार बिहार के चेयरमैन आलोक वर्मा को युवाओं पर थोप रही है। जिस कारण यूपी-बिहार के लोगों को यहां पर नौकरियां दी जा रही हैं। ग्रुप ए एवं बी की भर्तियों में 35 प्रतिशत क्राइटेरिया रखना भी गलत है।
युवाओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 5 डीएसपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया है।
35 प्रतिशत क्राइटेरिया का विरोध : हरियाणा के युवा ग्रुप ए एवं बी की भर्तियों में 35 प्रतिशत क्राइटेरिया का विरोध कर रहे हैं। हर भर्ती में 35 प्रतिशत क्राइटेरिया के कारण सीटें खाली रह जाती हैं। जिसके चलते 5 माह से युवा विरोध कर रहे हैं।
बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता: युवाओं का आरोप है कि HPSC की ग्रुप-ए और ग्रुप-बी (राजपत्रित) भर्तियों में हरियाणा के मूल निवासियों को छोड़कर दूसरे राज्यों (विशेषकर भाजपा शासित राज्यों) के अभ्यर्थियों को 90% तक नौकरियां दी जा रही हैं।
योग्य युवाओं की अनदेखी: प्रदर्शनकारियों के अनुसार, हरियाणा के जो युवा PhD, NET या MTech क्वालिफाइड हैं, वे बेरोजगार घूम रहे हैं या उन्हें चपरासी जैसे निचले पदों पर काम करना पड़ रहा है, जबकि उच्च पदों पर बाहरी लोगों को बैठाया जा रहा है।
ये है विवाद की बड़ी वजह
HPSC (हरियाणा लोक सेवा आयोग) की परीक्षाओं में 35 प्रतिशत क्राइटेरिया का मतलब मुख्य परीक्षा (Mains) या लिखित परीक्षा में न्यूनतम पासिंग मार्क्स हासिल करने की अनिवार्य शर्त है।
कई भर्तियों (जैसे कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर आदि) में इस 35 प्रतिशत की शर्त के कारण बहुत से योग्य अभ्यर्थी फेल हो गए और हजारों पद खाली रह गए।
चेयरमैन आलोक वर्मा बिहार से, खट्टर के ADC रहे
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन आलोक वर्मा 1989 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी रहे हैं। वे मूल रूप से बिहार के भागलपुर के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने लंबे समय तक हरियाणा कैडर में सेवाएं दी हैं।
आलोक वर्मा को अक्टूबर 2020 में हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उन्होंने इस पद के लिए समय पूर्व सेवानिवृत्ति (VRS) ली थी। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक है।
HPSC में आने से पहले वे हरियाणा सरकार में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF), मुख्य वन्यजीव वार्डन और पर्यटन व वन विभाग में प्रधान सचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं। वे मनोहर लाल खट्टर सरकार में एडीसी (टूर) भी रहे थे और उनके कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालते थे।
कांग्रेस और इनेलो भी कर चुकी प्रदर्शन
मामले को लेकर दो दिन पहले इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और युवाओं ने पंचकूला स्थित HPSC कार्यालय का घेराव किया था। इस दौरान पुलिस के साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।
उससे पहले इसी साल फरवरी में कांग्रेस भी सांसद दीपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर चुकी है। जिसमें दीपेंद्र हुड्डा ने बैरिकेड कूद गए थे। प्रशासन की ओर से वॉटर कैनन का प्रयोग किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान जमकर हंगामा किया था।