May 16, 2026
16 may 17
  • बेटे को जन्म दिया, परिजन बोले- फरीदाबाद में डॉक्टर नहीं मिले

 

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : फरीदाबाद में एक सरकारी अस्पताल की पार्किंग में महिला की डिलीवरी कराई गई। पार्किंग में लाइट की व्यवस्था भी नहीं थी। महिला स्टाफ ने टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी के बाद की सभी प्रक्रियाएं पूरी कीं।

महिला के परिवार का आरोप है कि जब वे उसे डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर आए, तो वहां कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। मेन गेट भी बंद था, और इमरजेंसी वार्ड में भी कोई नर्स नहीं मिली। महिला को लेबर पेन हो रहा था।

इसके बाद, परिवार के साथ आई एक महिला ने पार्किंग में ही उसकी डिलीवरी कराई। महिला ने बेटे को जन्म दिया। परिवार के सदस्य व्हीलचेयर भी खुद ही लेकर आए। मामले में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रचना का कहना है कि यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल का मेन गेट बंद मिला: फरीदाबाद के बल्लभगढ़ (सेक्टर 3) सरकारी अस्पताल FRU-2 (फर्स्ट रेफरल यूनिट) में शुक्रवार-शनिवार रात करीब 2 बजे बड़ौली गांव का एक परिवार महिला की डिलीवरी कराने पहुंचा। महिला बलेश को लेबर पेन हो रहा था। बलेश के जेठ चमन चंदीला ने कहा कि रात में अस्पताल का मेन गेट भी बंद था।

इमरजेंसी में कोई स्टॉफ नहीं मिला: चमन ने बताया कि मैं गेट खोलकर तुरंत इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा, वहां भी कोई स्टॉफ मेंबर मौजूद नहीं था। परिवार के अन्य लोग बलेश को लेकर पार्किंग में ही खड़े थे। मैं खुद ही व्हीलचेयर लेकर पार्किंग में पहुंचा।
पार्किंग में ही डिलीवरी करानी पड़ी: चमन ने आगे बताया कि बलेश के साथ मां भी मौजूद थी। पार्किंग में काफी देर तक अस्पताल का कोई स्टाफ नहीं पहुंचा। बलेश की हालत गंभीर होती जा रही थी। मजबूरी में मां को ही बलेश की डिलीवरी करानी पड़ी। अगर समय से डिलीवरी न होती बलेश और उसके बच्चे, दोनों की मौत हो सकती थी।

पार्किंग में डिलीवरी: महिला की पार्किंग में डिलीवरी का एक वीडियो भी सामने आया है। अस्पताल की पार्किंग में स्टॉफ नर्स डिलीवरी प्रोजीसर कराती नजर आ रही है। हालांकि परिजनों का कहना है कि डिलीवरी कराने के बाद ही स्टॉफ नर्स मौके पर पहुंची।

नर्स टॉर्च लेकर खड़ी रहीं: डिलीवरी के दौरान आसपास कोई रोशनी नहीं थी, स्टॉफ की एक नर्स हाथ में टॉर्च पकड़े दिखाई दे रही है, जबकि दूसरी नर्स टॉर्च की रोशनी में काम कर रही है। इनके पास में ही एक पुरुष भी खड़ा नजर आ रहा है। परिवार का कहना है कि ये पुरुष स्टॉफ से जुड़ा था।

स्टॉफ पर चिल्लाते रहे परिजन: घटना से जुड़ा एक अन्य वीडियो भी सामने आया है, इसमें परिवार का एक व्यक्ति स्टॉफ पर चिल्लाता नजर आ रहा है। उसने कहा कि अगर महिला की मौत हो जाती तो ये किसकी जिम्मेदारी होती। इसके बाद हंगामा कर रहे परिजनों को एक नर्स कुछ समझाती भी नजर आ रही है।

डिप्टी सिविल सर्जन बोलीं- क्रिटिकल कंडीशन में आई थी महिला

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रचना ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। महिला गंभीर स्थिति में अस्पताल आई थी। अस्पताल के स्टाफ को तैयार होने में 5-7 मिनट लग गए, क्योंकि वे अपना चश्मा और उपकरण ले रहे थे। इसी बीच, महिला की डिलीवरी पार्किंग में हो गई। स्टाफ ने पार्किंग में ही सारी प्रक्रिया पूरी की और महिला तथा शिशु को वार्ड में भर्ती कराया। अगर मामले में किसी की कोई लापरवाही सामने आती है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।