May 9, 2026
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  • लिटरिंग की श्रेणी में शामिल; स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 के तहत सख्ती

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : चंडीगढ़ में अब खुले में कही भी पेशाब और शौच करना भारी पड़ सकता है। नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) बायलॉज-2018 में बड़ा संशोधन किया है। इसमें ओपन डिफिकेशन और ओपन यूरिनेशन को लिटरिंग यानी गंदगी फैलाने की श्रेणी में शामिल कर दिया है। नए नियमों के तहत ऐसा करते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

यह फैसला स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 की गाइडलाइन के तहत लिया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य, सफाई और सैनिटेशन के स्तर को बेहतर बनाने के लिए SWM बायलॉज में संशोधन किया गया है।

अब यह होगा नियम

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि खुले में शौच और खुले में पेशाब करना अब SWM बायलॉज की क्लॉज 4(49) के तहत अपराध माना जाएगा। इसे लिटरिंग की श्रेणी में रखा गया है। यानी सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सीधे चालान और जुर्माने की कार्रवाई होगी। इसके लिए निगम के की इंस्पेक्टर व फील्ड स्टाफ नजर रखता है। बकायदा गंदगी फैलाने वालों की फोटोग्राफी की जाती है।

10 हजार होगा जुर्माना

नियम तोड़ने वालों पर कुल 10 हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी। इसमें 500 रुपए फाइन और 9,500 रुपए एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज शामिल है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह कदम लोगों को खुले में पेशाब और शौच करने से रोकने और शहर की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

शहर में 300 से ज्यादा पब्लिक टॉयलेट

शहर में 300 से अधिक सार्वजनिक और कम्युनिटी टॉयलेट संचालित हैं। ये टॉयलेट बाजारों, पार्कों, ग्रीन बेल्ट और कॉलोनियों में बनाए गए हैं, ताकि लोगों को सार्वजनिक सुविधाएं आसानी से मिल सकें। इन टॉयलेट्स पर QR कोड भी लगाए गए हैं, जिनके जरिए लोग गंदगी, पानी की कमी, सफाई या मरम्मत से जुड़ी शिकायत सीधे दर्ज करा सकते हैं। कई टॉयलेट ऑनलाइन मैप से भी जोड़े गए हैं, जिससे लोग उन्हें आसानी से खोज सकें।

यह हैं SWM बायलॉज-2018

एमसी चंडीगढ़ के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) बायलॉज-2018 शहर में कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए बनाए गए नियम हैं। इनका उद्देश्य घरों, दुकानों, बाजारों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से संग्रह, अलगाव, परिवहन और निस्तारण सुनिश्चित करना है। इन नियमों को केंद्र सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2016 के आधार पर लागू किया गया था। इसका मकसद शहर को साफ रखना, लैंडफिल पर दबाव कम करना और कचरे की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना है।

कूड़ा फेंकने वालों के घर ढोल के साथ पहुंचती टीम

इससे पहले चंडीगढ़ नगर निगम ने ‘ढोल बजाओ’ अभियान के तहत शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए एक अनूठी और सख्त पहल की थी। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के घर कूड़ा लेकर टीम पहुंचती थी। उसके घर के बाहर ढोल बजाया जाता था। इस योजना में निगम की टीमें उल्लंघनकर्ताओं के घर या दुकान पर जाकर न केवल भारी जुर्माना वसूलती हैं, बल्कि फेंका गया कचरा भी वापस उन्हीं के द्वार पर छोड़ देती हैं।

इसके साथ ही, डिजिटल निगरानी को बढ़ावा देने के लिए कचरा फेंकने वालों की वीडियो भेजने वाले नागरिकों को ₹250 का इनाम दिया जाता है और दोषियों के वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाते हैं, ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे। हालांकि बाद में योजना का विरोध हुआ तो ढोल बजाने का फैसला वापस ले लिया गया।